दिल्ली एयरपोर्ट का मास्टर प्लान तैयार, 2021 तक बनेंगे नए रनवे और मल्टीलेवल कार पार्किंग
दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं व बेहतर विमान संचालन के लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। मंगलवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विस्तार के लिए इसकी संचालक कंपनी दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने नया मास्टर प्लान जारी किया। इसके तहत तीन फेज में एयरपोर्ट का विस्तार कर यात्री सुविधाओं व विमानों के संचालन की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही के लिए टर्मिनल की संख्या तो बढ़ाई ही जाएगी, साथ ही विमान संचालन के लिए रनवे की संख्या भी बढ़ेगी। डायल के अनुसार, पहले फेज में टर्मिनल-1 व टर्मिनल-1सी दोनों का विलय करके इसका विस्तार किया जाएगा। इस दौरान टर्मिनल-1 की जगह टर्मिनल-2 का इस्तेमाल किया जाएगा। एयरसाइड क्षमता बढ़ाने के लिए एलीवेटेड ईस्टर्न क्रॉस टैक्सीवेज बढ़ाया जाएगा। रनवे संख्या 11/29 के समानांतर रनवे संख्या चार का निर्माण किया जाएगा।
दूसरे फेज में टर्मिनल-2 को फिर से तोड़ा जाएगा और टर्मिनल-3 का विस्तार कर दिया जाएगा। तीसरे फेज में एक नया टर्मिनल बनाया जाएगा। नया टर्मिनल बनते ही दिल्ली एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाकर 11 करोड़ 90 लाख पर पहुंच जाएगी। इस दौरान 2021 तक चौथा रनवे भी बन जाएगा।
डायल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आई. प्रभाकर राव ने संवाददाता सम्मेलन में संशोधित मास्टर प्लान जारी करने के मौके पर कहा कि टर्मिनल-1 से परिचालन कर रही विमान सेवा कंपनी इंडिगो, स्पाइस जेट और गो एयर अक्तूबर से अपनी एक तिहाई क्षमता टर्मिनल-2 पर स्थानांतरित करेंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि नए मास्टर प्लान के पहले फेज के दौरान टर्मिनल-1 का काम 2020 तक पूरा किया जाएगा। टर्मिनल-1 के नए सिरे से निर्माण का काम 42 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मौजूदा टर्मिनल की क्षमता दो करोड़ यात्रियों की है, जो बढ़कर प्रतिवर्ष चार करोड़ यात्रियों की हो जाएगी।
एंट्री और एक्जिट गेट की संख्या भी बढ़ाई जाएगी
प्रवेश व निकास गेट की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। आठ से बढ़ाकर 13 की जाएगी व चेकइन प्वाइंट्स की संख्या चार से बढ़ाकर पांच की जाएगी। इसी तरह आगमन बैगेज कनवेयर बेल्ट की आठ से 10, प्रस्थान गलियारे की 6 से बढ़ाकर 9 और आगमन गलियारे की 8 से बढ़ाकर 11 की जाएगी।
टर्मिनल-3 की तरह टर्मिनल-1 पर भी एक मल्टीलेवल कार पार्किंग बनाई जाएगी। एयरोब्रिज का भी निर्माण किया जाएगा। टर्मिनल-3 पर 22 एयरोब्रिज बनेगा। इस ब्रिज के बनने से यात्री ब्रिज के सहारे विमान में प्रवेश करेंगे। टर्मिनल-4 को दो फेज में बनाया जाएगा। 2024 तक दोनों फेज का काम पूरा किया जाएगा।