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फरवरी के बाद पहली बार दिल्ली की हवा दर्ज हुई बेहद खराब, ज्यादातर स्थानों पर 300 से अधिक रहा एक्यूआई
Tue, 13 Oct 2020 01:27 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 13 Oct 2020 01:27 AM IST
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pollution in delhi ncr
- फोटो : पीटीआई
राजधानी की हवा की गुणवत्ता फरवरी के बाद सोमवार को सबसे अधिक खराब रही। इस दौरान वायु में पीएम 2.5 तथा पीएम 10 की मात्रा इस सीजन में अधिकतम दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में औसत एक्यूआई 261 रहा। रविवार को यह 216 तथा शनिवार को 221 रहा। हालांकि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के मुताबिक आने वाले दिनों में हवाओं का रुख बदलने से एक्यूआई में सुधार की संभावना है।
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इस दौरान वायु गुणवत्ता का स्तर दिल्ली टेकभनोलोजी यूनिवर्सिटी (307), आईटीओ (315), पटपड़गंज (307), अशोक विहार (302), जहांगीरपुरी (320), विवेक विहार (351), वजीरपुर (306), बवाना (310) तथा आनंद विहार पर (312) दर्ज किया गया। इससे पहले राजधानी में वायु गुणवत्ता इतनी खराब 26 फरवरी को एक्यूआई 274 दर्ज की गई थी।
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दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक के अनुसार, हवा की धीमी गति से प्रदूषक जमा हो जाते हैं जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है। वहीं पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से भी प्रदूषण बढ़ा है। हवा के रुख में बदलाव से आने वाले दिनों में सुधार की संभावना है।
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इससे पहले बुधवार को राजधानी की वायु गुणवत्ता 29 जून के बाद सबसे खराब रही थी। उस दिन सीपीसीबी ने राजधानी में 24 घंटे में औसत एक्यूआई 215 रिकार्ड किया गया था। वहीं सफर के मुताबिक बुधवार तक वायु गुणवत्ता में हल्का सुधार हो सकता है।
जानकारी के अनुसार रविवार को पंजाब तथा हरियाणा में 614 स्थानों पर पराली जलाने की बात सामने आई लेकिन यह मात्रा पिछले दो सालों के मुकाबले काफी कम रही। इससे राजधानी के वायु प्रदूषण में सोमवार को तीन फीसदी इजाफा दर्ज किया गया। हालांकि धीमी हवा तथा कम तापमान से प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई।