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हवा की गति बढ़ने से दिल्ली की वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार, एनजीटी ने दिया ये आदेश

Thu, 22 Nov 2018 04:47 PM IST
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली Updated Thu, 22 Nov 2018 04:47 PM IST
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delhi air quality improves little as air speed increase, ngt orders inspection near panipat refinery
- फोटो : अमर उजाला

दिल्ली की वायु गुणवत्ता में बृहस्पतिवार को हल्का सा सुधार देखा गया और वह ‘‘बहुत खराब’’  से ‘खराब’ श्रेणी में आ गई। अधिकारियों ने बताया कि हवा की गति तेज होने के बाद यह सुधार हुआ है। 

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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के डेटा के मुताबिक, समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 282 दर्ज किया गया जो खराब की श्रेणी में आता है। डेटा के मुताबिक, दिल्ली के 11 इलाकों में वायु गुणवत्ता बहुत खराब दर्ज की गई जबकि 24 स्थानों पर यह ‘खराब’ श्रेणी में थी।
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इसमें कहा गया है कि हवा में अतिसूक्ष्म कणों - पीएम 2.5 का स्तर 135 और पीएम 10 का स्तर 273 दर्ज किया गया। भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, हवा की गति बढ़ने के कारण वायु गुणवत्ता में हल्का सुधार हुआ है। 
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वायु गुणवत्ता सूचकांक में शून्य से 50 अंक तक हवा की गुणवत्ता को ‘‘अच्छा’’, 51 से 100 तक ‘‘संतोषजनक’’, 101 से 200 तक ‘‘मध्यम और सामान्य’’, 201 से 300 के स्तर को ‘‘खराब’’, 301 से 400 के स्तर को ‘‘बहुत खराब’’ और 401 से 500 के स्तर को ‘‘गंभीर’’ श्रेणी में रखा जाता है।

दिल्ली की वायु गुणवत्ता पिछले हफ्ते से बहुत खराब की श्रेणी में बनी हुई थी और बुधवार को कुछ इलाकों में प्रदूषण का स्तर गंभीर दर्ज किया गया था।

 

एनजीटी ने पानीपत रिफाइनरी के आस-पास निरीक्षण का आदेश दिया

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उस याचिका का संज्ञान लिया है जिसमें हरियाणा में भारतीय तेल निगम लिमिटेड (आईओसीएल) की पानीपत रिफाइनरी से वायु प्रदूषण होने का आरोप लगाया गया है। साथ ही अधिकरण ने इस मुद्दे की जांच के लिये एक समिति गठित कर दी।

एनजीटी अध्यक्ष आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के प्रतिनिधियों और उपायुक्त, पानीपत को मिलाकर एक संयुक्त समिति गठित की और उनसे स्थल का दौरा करके कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने को कहा।

पीठ ने कहा, ‘‘टीम परिवेशी वायु की निगरानी कर सकती है और आस-पास में विभिन्न स्थानों की निगरानी शुरू करने के अलावा इलाके से पानी के नमूने ले सकती है। रिपोर्ट इस आदेश की प्रति मिलने की तारीख से एक महीने के भीतर अधिकरण को सौंपी जा सकती है। इसके लिये नोडल एजेंसी हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड होगा।’’ 

मामले में कार्यवाही पानीपत के सिंहपुरा सिथाना ग्राम पंचायत के सरपंच सतपाल सिंह के पत्र के आधार पर शुरू की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बोहली ददलाना, सिथाना, पानीपत गांवों में भारतीय तेल निगम लिमिटेड की पानीपत रिफाइनरी से वायु और जल प्रदूषण हो रहा है।

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