Delhi Pollution: आठ महीने में पहली बार दिल्ली-एनसीआर की हवा बेहद खराब, नोएडा में एक्यूआई 600 के पार
दिल्ली की हवा आठ महीने में पहली बार बेहद खराब स्तर पर पहुंच गई है। तापमान की कमी व हवा की चाल धीमी होने से मंगलवार के बाद बुधवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 अंक के पार पहुंच गया। प्रदूषण का स्तर बढ़ने के पीछे पंजाब, हरियाणा समेत दिल्ली के सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाला पराली का धुआं भी बताया जा रहा है। हालांकि, यह अभी सिर्फ तीन फीसदी के करीब ही है।
बुधवार सुबह आसमान में धुंध छाई रही। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक मंगलवार से ही रेड जोन में है। बुधवार सुबह पटपड़गंज इलाके का वायु गुणवत्ता सूचकांंक 376 दर्ज किया गया तो द्वारका में यह 319 दर्ज हुआ। वहीं नोएडा सेक्टर 116 में वायु गुणवत्ता सूचकांक 665 के आंकड़े पर था। 200 से ऊपर वायु गुणवत्ता सूचकांक को खराब और 300 से 400 के सूचकांक के बीच को 'बेहद खराब' कहा जाता है।
क्या कहता है 'सफर'
सफर के मुताबिक, दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में सोमवार को पराली जलाने के करीब 600 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए। बीते तीन सालों में यह सबसे ज्यादा है। 2018, 2019 में इनकी संख्या 300 के आसपास ही रिकॉर्ड की गई थी।
मंगलवार का क्या था हाल
बावजूद इसके हवा की दिशा बदल जाने से धुएं का असर दिल्ली पर कम रहा। इसके उलट सुबह तापमान कम होने व हवा की चाल कम होने से सूचकांक 306 पर पहुंच गया था। लेकिन दिन की गर्मी से प्रदूषण में कमी आई। दिन भर के उतार-चढ़ाव से सीपीसीबी का 24 घंटों का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 पर टिका रहा। इससे पहले हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्तर में 12 फरवरी को रिकार्ड की गई थी।
द्वारका में 400 तक पहुंचा वायु गुणवत्ता सूचकांक
हवा की गुणवत्ता खराब होने की पीछे सफर का आकलन है कि पहले के अनुमान के मुताबिक हवा की दिशा उत्तर पश्चिमी से पूर्वी हो गई है, लेकिन बंगाल की खाड़ी से चलने वाली हवा की चाल बेहद कम थी। वहीं, दिल्ली में भी सतह पर चलने वाली हवाओं की चाल धीमी रही।
इससे प्रदूषक हवाओं में टिक गए और सूचकांक बेहद खराब स्तर तक पहुंच गया है। सफर का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों तक हालात में बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। हवा की गुणवता खराब और बेहद खराब की सीमा रेखा पर बनी रहेगी।
द्वारका का रहा ये हाल
बेशक दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक अभी 300 बना हुआ है, लेकिन द्वारका, वजीरपुर जैसे इलाकों में यह 400 के करीब पहुंच रहा है। बुधवार को दोनों इलाकों का सूचकांक 390 व 372 रिकार्ड किया गया जबकि मुंडका का सूचकांक 352 पर था।