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Delhi Air Pollution: दिल्ली में गहरा रहा सासों पर संकट, AQI पहुंचा 300 के पार, छाई धुंध की चादर

Sat, 19 Oct 2024 08:01 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sat, 19 Oct 2024 08:01 AM IST
सार

Delhi Air Quality Index Today: अक्षरधाम और आसपास के इलाकों में धुंध की एक परत छा गई है। जिससे इलाके का एक्यूआई 334 तक पहुंच गया है।

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Delhi Air Pollution a Layer of Smog Has Engulfed Many Areas of Capital Air Quality Index Today News in Hindi
दिल्ली में छाई धुंध - फोटो : एएनआई

विस्तार

राजधानी में सर्दी शुरू होने से पहले ही हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में लोगों को सांस लेने में और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अक्षरधाम और आसपास के इलाकों में धुंध की एक परत छा गई है। जिससे इलाके का एक्यूआई 334 तक पहुंच गया है। जिसे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार बहुत खराब श्रेणी में रखा गया है।

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वहीं, आईटीओ क्षेत्र में धुंध की एक पतली परत छाई है। जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक 226 पर पहुंच गया है। जिसे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार खराब श्रेणी में रखा गया है। इंडिया गेट इलाके में एक्यूआई 251 पर पहुंच गया।
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भीकाजी कामा प्लेस इलाके में एक्यूआई 273 दर्ज किया गया है। वहीं, एम्स क्षेत्र के पास धुंध की एक पतली परत दिखाई दे रही है तथा आसपास के क्षेत्रों में एक्यूआई 253 पर पहुंच गया है।  दिल्ली में रहने वाले एक शख्स ने कहा कि पिछले दो दिनों से प्रदूषण बढ़ गया है जिससे काफी समस्याएं पैदा हो रही हैं। सरकार को प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने चाहिए।'

80 मोबाइल एंटी स्मॉग गन से रोकेंगे प्रदूषण
राजधानी में प्रदूषण के 13 हॉटस्पॉट हैं। यहां प्रदूषण कम करने के लिए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने समन्वय समितियां बनाई हैं। उन्होंने शुक्रवार को संबंधित विभागों के साथ बैठक की। राय ने बताया कि धूल प्रदूषण कम करने के लिए राजधानी में 80 मोबाइल एंटी स्मॉग गन लगाई गई हैं। एमसीडी के डीसी को सभी संबंधित अधिकारियों के साथ हॉटस्पॉट का लगातार दौरा करने का निर्देश दिया गया है।

हॉटस्पॉट में प्रदूषण के मुख्य स्रोत
आनंद विहार : आनंद विहार बस स्टेशन के सामने क्षतिग्रस्त सड़कें, वाहनों के आवागमन से धूल उत्पन्न होना। चौधरी चरण सिंह मार्ग पर जाम की समस्या, सड़क के किनारों पर धूल का जमाव, एनसीआरटीसी कंस्ट्रक्शन साइट प्रोजेक्ट, रेलवे एसटीपी के पास कच्चा क्षेत्र, एकीकृत पूर्वी दिल्ली हब प्रोजेक्ट, रेलवे स्टेशन के निकास पर जाम प्रदूषण के स्रोत हैं।

अशोक विहार : सीएक्यूएम स्टेशन के सामने सड़क की धूल, ट्रैफिक जाम (आजादपुर मेट्रो से आजादपुर बस टर्मिनल), मेट्रो प्रोजेक्ट के बगल में गुरजनवाला टाउन के पास कच्ची सड़क, प्रदूषण के स्रोत हैं।

द्वारका : सड़क पर धूल, डीडीए ग्राउंड में कचरा और सीएंडडी कचरे की अवैध डंपिंग प्रदूषण के स्रोत हैं।

मुंडका : यहां पर मॉनिटरिंग स्टेशन के पास शहरी विस्तार रोड-2 (यूईआर-2) के निर्माण से भारी धूल उत्सर्जन, आरएमसी प्लांट का संचालन, पास के दिल्ली-रोहतक राजमार्ग पर कच्चे रास्ते और गड्ढों के कारण भारी मात्रा में धूल उड़ना, दिल्ली-रोहतक राजमार्ग पर यातायात की मात्रा अधिक होने और मुंडका औद्योगिक क्षेत्र मेट्रो स्टेशन चौराहे के नीचे यातायात की भीड़ प्रदूषण के स्रोत हैं।

जहांगीरपुरी : बायोमास बर्निंग, डीएमआरसी निर्माण स्थल व प्लांट, भलस्वा सेनेटरी लैंडफिल, आईटीआई परिसर के सामने बस टर्मिनल के पास यातायात जाम की समस्या, निर्माण एवं विध्वंस रीसाइक्लिंग प्लांट प्रदूषण के स्रोत हैं।

रोहिणी : वेंकटेश्वर अस्पताल का निर्माण स्थल, आईएंडएफसी भूमि पर कचरा डंपिंग, खुले में कचरा जलाना प्रदूषण के प्रमुख स्रोत हैं।

नरेला : डीटीसी बस डिपो में निर्माण कार्य, नरेला की खाली जगहों पर कचरे की डंपिंग, एनआईटी दिल्ली में निर्माण कार्य, जाम की समस्या, ट्रकों की समस्या,  पॉकेट 9ए में डीडीए हाउसिंग प्रोजेक्ट में सड़क पर गड्ढे और सड़क की धूल आदि प्रदूषण के स्रोत हैं।
 
ओखला : मां आनंदमयी मार्ग और ओखला एस्टेट मार्ग की क्षतिग्रस्त सड़क, ट्रैफिक जाम प्रदूषण के कारण हैं।

पंजाबी बाग : मोती नगर फ्लाईओवर का निर्माण, जाम, रोड नंबर 41 पर गड्ढे, रोहतक रोड की सर्विस लेन पर सीएंडडी वेस्ट की अवैध डंपिंग आदि प्रदूषण के स्रोत हैं।

आरके पुरम : जाम, सड़कों पर गड्ढे, एनबीसीसी की निर्माण साइट प्रमुख स्रोत हैं।

विवेक विहार : योजना विहार की सोसाइटियों में निर्माण और विध्वंस गतिविधि, बी-ब्लॉक, झिलमिल में टूटी सड़कों के कारण सड़क पर धूल का उड़ना, जाम आदि प्रदूषण के स्रोत हैं।
वजीरपुर : सीएक्यूएम स्टेशन के सामने टूटी सड़क, सड़क पर अतिक्रमण और कच्ची सड़क, जाम की समस्या, खुले में गार्बेज डम्पिंग वायु प्रदूषण का स्रोत हैं।

बवाना : महर्षि वाल्मिकी अस्पताल के बाहर अवैध कूड़ा डंपिंग और अस्पताल के बाहर यातायात, पूठ खुर्द रोड पर सड़क की धूल, दिल्ली-औचंदी रोड के किनारे लोक निर्माण विभाग की सर्विस सड़कों पर सीएंडडी कचरे की अवैध डंपिंग, निर्माणाधीन यूईआर-दो और अपना घर आश्रम मोड़ तक के क्षेत्र में जाम प्रदूषण के स्रोत हैं।

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