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तनाव में एम्स के डॉक्टर, इलाज के लिए 3 माह में 60 आवेदन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 12 Aug 2018 10:42 PM IST
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एम्स
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देश के सबसे बड़े चिकित्सीय संस्थान एम्स के डॉक्टर मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। यहां मरीजों का उपचार कर रहे रेजिडेंट डॉक्टरों को कई तरह की तनाव संबंधी परेशानियां होने लगी हैं। इनसे बचने के लिए अब एम्स के डॉक्टर अपना ही इलाज करा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ समय पहले एम्स प्रबंधन ने अपने डॉक्टरों को तनाव से दूर रखने के लिए स्टूडेंट वेलनेस सेंटर को खोला था, जहां पिछले डेढ़ माह के भीतर 60 से ज्यादा डॉक्टर मानसिक काउंसलिंग के लिए आवेदन कर चुके हैं।
इनमें से अधिकांश को काम और निजी जीवन के बीच तालमेल बैठाने की समस्या थी, जिसका केंद्र पर समाधान कर इसके तरीके बताए गए। एम्स के हॉस्टल नंबर सात के सामने रूम नंबर 11 में खुले इस वेलनेस सेंटर के इंचार्ज डॉ. प्रताप शरन बताते हैं कि इस सेंटर को करीब छह सप्ताह पहले शुरू किया गया है।
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इसमें मनोचिकित्सा के तीन और डॉक्टर शामिल हैं। इस सेंटर पर सुबह के सात बजे से शाम के सात बजे तक परामर्श की सुविधा है। इसके बाद भी जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी नंबर का इस्तेमाल कर परामर्श ली जा सकती है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ समय पहले एम्स प्रबंधन ने अपने डॉक्टरों को तनाव से दूर रखने के लिए स्टूडेंट वेलनेस सेंटर को खोला था, जहां पिछले डेढ़ माह के भीतर 60 से ज्यादा डॉक्टर मानसिक काउंसलिंग के लिए आवेदन कर चुके हैं।
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इनमें से अधिकांश को काम और निजी जीवन के बीच तालमेल बैठाने की समस्या थी, जिसका केंद्र पर समाधान कर इसके तरीके बताए गए। एम्स के हॉस्टल नंबर सात के सामने रूम नंबर 11 में खुले इस वेलनेस सेंटर के इंचार्ज डॉ. प्रताप शरन बताते हैं कि इस सेंटर को करीब छह सप्ताह पहले शुरू किया गया है।
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इसमें मनोचिकित्सा के तीन और डॉक्टर शामिल हैं। इस सेंटर पर सुबह के सात बजे से शाम के सात बजे तक परामर्श की सुविधा है। इसके बाद भी जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी नंबर का इस्तेमाल कर परामर्श ली जा सकती है।
उनका लक्ष्य है कि रेजिडेंटशीप के लिए आने वाले डॉक्टरों को पहले वर्ष में एक बार मनोचिकित्सकीय परामर्श दी जाए। इससे उन्हें आगे आने वाली चुनौतियों से लड़ने में सहूलियत मिलेगी।
डॉ. शरन के अनुसार इस सेंटर में डॉक्टरों और छात्रों को भावनात्मक, रिश्तों की उलझन, पढ़ाई और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया जाएगा। फिलहाल सेंटर हर सप्ताह 10 नए छात्रों को बुलाकर परामर्श देता है।
वहीं बीते शुक्रवार को एक वर्कशॉप का भी आयोजन किया गया था। इसके अलावा सेंटर पर एमबीबीएस के छात्रों के लिए मेंटरशीप कार्यक्रम भी चलाए जाने की योजना है।
डॉ. शरन के अनुसार इस सेंटर में डॉक्टरों और छात्रों को भावनात्मक, रिश्तों की उलझन, पढ़ाई और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया जाएगा। फिलहाल सेंटर हर सप्ताह 10 नए छात्रों को बुलाकर परामर्श देता है।
वहीं बीते शुक्रवार को एक वर्कशॉप का भी आयोजन किया गया था। इसके अलावा सेंटर पर एमबीबीएस के छात्रों के लिए मेंटरशीप कार्यक्रम भी चलाए जाने की योजना है।