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कोरोना संक्रमण: एम्स निदेशक बोले, जुलाई तक 5.5 लाख मरीजों का आकलन हो सकता है फेल
Sat, 13 Jun 2020 05:22 AM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sat, 13 Jun 2020 05:22 AM IST
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दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया
- फोटो : ANI
दिल्ली एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने शुक्रवार को कहा कि हम मानते हैं कि दुनियाभर में कोरोना मामलों की संख्या के आधार पर भारत चौथे स्थान पर है, परंतु यह आबादी की वजह से है। हमें यह देखना होगा कि प्रति मिलियन जनसंख्या पर मामलों की संख्या हमारे यहां अभी भी काफी कम है।
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No. of cases in Delhi may not be as high as predicted but still whatever be the number, we've to increase our capacity so that we can manage increasing load that healthcare system is going to get: AIIMS Director on Delhi Dy CM's statement 'by 31 July, 5.5 lakh cases are expected' pic.twitter.com/ZY1yqZhEdA
— ANI (@ANI) June 12, 2020विज्ञापन
डॉ. गुलेरिया ने आगे कहा कि दिल्ली में मामलों की संख्या उतनी अधिक नहीं हो सकती जितनी कि पूर्वानुमान था। वह एक गणितीय आकलन था जो फेल हो सकता है। लेकिन फिर भी जो भी संख्या है, उसके लिए हमे अपनी क्षमता को बढ़ाना है ताकि हम स्वास्थ्य प्रणाली पर बढ़ने वाले भार को प्रबंधित कर सकें।
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डॉ. गुलेरिया ने यह बात उस पूर्वानुमान के संदर्भ में कही जिसमें दिल्ली के उप मुख्यमंत्री ने कहा था कि जुलाई के अंत तक राजधानी में कोरोना मरीजों की संख्या साढ़े पांच लाख हो सकती है।
उन्होंने कहा कि हम लगभग 6 सप्ताह पहले प्रति दिन केवल 10,000-20,000 लोगों का परीक्षण कर रहे थे, अब हम प्रति दिन लगभग 1.5 लाख लोगों का परीक्षण कर रहे हैं और यह संख्या हर दिन बढ़ रही है।
डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि कुछ एंटी-वायरल दवाएं हैं जिनका उपयोग किया जा रहा है। उनमें से एक 'रेमेडिसविर' है जिसे अमेरिका की एक कंपनी द्वारा बनाया जा रहा है। डेटा बताता है कि ये मरीजों का अस्पताल में रहने को कम करने में मदद करता है लेकिन जहां तक मृत्यु दर का संबंध है उसमें यह कोई यह लाभ नहीं दिखाता है।