फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi acting principal secretary alleged aap minister

गैमलिन ने केजरीवाल के मंत्री पर जड़े गंभीर आरोप

Sun, 31 May 2015 03:14 PM IST
Updated Sun, 31 May 2015 03:14 PM IST
विज्ञापन
Delhi acting principal secretary alleged aap minister

अपनी पोस्टिंग को लेकर पहले से ही विवादों में रहीं दिल्ली सरकार की प्रधान उद्योग सचिव शकुंतला गैमलिन ने उधोग मंत्री सत्येंद्र जैन पर गंभीर आरोप लगा कर एक नया विवाद पैदा कर दिया है।

विज्ञापन


शकुंतला ने आरोप लगाया है कि आम आदमी पार्टी के विधायक और उधोग मंत्री सत्येंद्र जैन उनपर बिल्डरों के पक्ष में फैसला लेने के लिए दबाव डाल रहे हैं। गैमलिन ने पत्र लिख कर इसकी शिकायत दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग से की है।
विज्ञापन


बता दें कि यह वही शकुंतला गैमलिन हैं जिन्हें कार्यकारी मुख्य सचिव बनाए जाने को लेकर एलजी और सरकार के बीच विवाद हो चुका है। दिल्ली सरकार और खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गैमलिन पर बिजली कंपनियों का पक्ष लेने का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


गैमलिन ने एलजी को लिखे अपने पत्र में कहा है कि उधोग मंत्री ने उनसे कहा है कि वह ऐसा नोट बनाएं जिसमें बवाना औधोगिक क्षेत्र में आने वाली जमीनों को फ्री होल्ड घोषित किया जाए।

शकुंतला ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि जमीन का अधिकार क्षेत्र दिल्ली सरकार के अंर्तगत नहीं आता इसलिए इस विषय पर कैबिनेट नोट बनाना उचित नहीं है।

उन्होंने लिखा है कि राजधानी में जमीन के मामले में फैसला लेने का अधिकार दिल्ली विकास प्राधिकरण के पास है जिसके चेयरमैन उप-राज्यपाल नजीब जंग हैं।

क्या है 'आप' के उधोग मंत्री की सफाई

Delhi acting principal secretary alleged aap minister

बता दें कि दिल्ली में कुल 18 औधोगिक क्षेत्र हैं जिसके अंतर्गत कई औधोगिक प्लॉट भी आते हैं। अगर इस भूमि को फ्री होल्ड घोषित कर दिया जाए तो इससे बिल्डरों और रियल स्टेट से जुडे़ लोगों को सीधा फायदा हो सकता है।

औधोगिक प्लॉट के फ्री होल्‍ड होते ही उन पर रिहायशी मकान और अपार्टमेंट बनाए जा सकते हैं जिन्हें बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जा सकता है। हालांकि इस मामले में दिल्ली के उधोग मंत्री ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें इस तरह का प्रस्ताव कुछ उधोगपतियों ने भेजा था।

उन्होंने तो सिर्फ उस प्रस्ताव को प्रिंसिपल सेक्रेटरी के पास भेजा था ताकि वह देख सकें और उस पर जो भी उचित कार्यवाही हो करें। यह सरकारी कामकाज की एक सामान्य प्रक्रिया जिसका उन्होंने भी पालन किया।

इस पूरे मामले से साफ है कि दिल्ली की प्रधान उधोग सचिव शकुंतला गैमलिन और सरकार के बीच खींचतान में अभी कोई कमी नहीं आई है।

गैमलिन पर ये था 'आप' का आरोप

Delhi acting principal secretary alleged aap minister
दिल्ली सरकार और शकुंतला गैमलिन के बीच विवाद कोई नहीं बात नहीं है। खुद दिल्ली के मुख्यमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए गैमलिन पर आरोप लगाया था कि वह हमारे मंत्री से एक चिट्ठी पर साइन करवाना चाहती थीं।

उनका आरोप था कि दिल्ली की बिजली कंपनियां 11000 करोड़ का कर्ज लेना चाहती थीं‌ और दिल्ली सरकार को इसका गारंटर बनाना चाहती थीं। अगर हमारे मंत्री ने उस लेटर पर साइन कर दिया होता तो बिजली कंपनियों के कर्ज न चुका पाने की स्थिती में वह कर्ज दिल्ली सरकार को भरना पड़ता।

केजरीवाल ने बताया कि इसी कारण वह नहीं चाहते थे कि शकुंतला को दिल्ली का कार्यकारी मुख्य सचिव बनाया जाए। लेकिन राज्य सरकार की असहमति के बाद भी एलजी ने उन्हें इस पद पर नियुक्त कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed