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Delhi : जेजे कलस्टर में 28% गर्भवती महिलाएं आयोडीन की कमी से बीमार, बच्चों पर घातक हो सकता है असर

Mon, 23 Oct 2023 04:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा राकेश शर्मा, नई दिल्ली
राकेश शर्मा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 23 Oct 2023 04:49 AM IST
सार

 यह महिलाएं पोषण में आयोडीन की कमी से हाइपोथायरायडिज्म का शिकार हो गई हैं। विशेषज्ञों की माने तो इन महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चों की मौत तक हो सकती है।

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Delhi : 28% pregnant women in JJ cluster are sick due to iodine deficiency.
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विस्तार

दिल्ली के जेजे कलस्टर में रहने वाली करीब 28 फीसदी गर्भवती महिलाओं को आयोडीन युक्त नमक नहीं मिल पाता। यह महिलाएं पोषण में आयोडीन की कमी से हाइपोथायरायडिज्म का शिकार हो गई हैं। विशेषज्ञों की माने तो इन महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चों की मौत तक हो सकती है।
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यदि यह बच्चे जन्म लेते हैं तो आगे चलकर कई तरह के शारीरिक व मानसिक विकार का शिकार हो सकते हैं। वहीं महिलाओं की थायराइड प्रभावित हो सकती है। दिल्ली विश्वविद्यालय की विशेषज्ञ सारिका त्यागी ने पश्चिमी दिल्ली की शहरी झुग्गी बस्ती में रहने वाली गर्भवती महिलाओं में आयोडीन की कमी से होने वाले विकारों का आकलन विषय पर अध्ययन किया। 
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घर-घर सर्वेक्षण कर 178 गर्भवतियों पर किया गया अध्ययन 
इस अध्ययन के लिए कीर्ति नगर झुग्गी झोपड़ी क्लस्टर में घर-घर सर्वेक्षण कर 178 गर्भवती महिलाओं का चयन किया गया। यह सभी महिलाएं 28 सप्ताह की गर्भवती थी। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस)-3 के तहत इनमें तीसरी बार गर्भवती हुई महिलाओं को भी शामिल किया गया। अध्ययन के परिणाम में 27.9 फीसदी गर्भवती महिलाओं में हाइपोथायरायडिज्म पाया गया। यह पोषण में आयोडीन की कमी से होने वाला गंभीर विकार है। वहीं 59.9 फीसदी गर्भवती महिलाओं में औसत यूआईसी 132.5 माइक्रोग्राम प्रति लीटर और इंटरक्वेर्टाइल रेंज (आईक्यूआर) 145 माइक्रोग्राम प्रति लीटर के साथ अपर्याप्त आयोडीन पोषण है।
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  • पैल्पेशन विधि के माध्यम से 2 महिलाओं में ग्रेड 1 घेंघा का पता लगा। 19.8 फीसदी घरों में इस्तेमाल हो रहे नमक के नमूनों में अपर्याप्त आयोडीन सामग्री (<15 पीपीएम) पाई गई। अध्ययन के परिणाम में 27.9 फीसदी गर्भवती महिलाओं में हाइपोथायरायडिज्म की व्यापकता मिली। 
महिलाएं रखें विशेष ध्यान 
गुरु तेग बहादुर अस्पताल में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अमितेश अग्रवाल का कहना है कि गर्भवती महिलाओं को आयोडीन का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सामान्य महिलाओं के मुकाबले गर्भवती महिला को विशेष तौर पर आयोडीन की जरूरत होती है। इसकी कमी से थायराइड की प्रक्रिया प्रभावित होती है जो महिलाओं और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती है। अक्सर देखा गया है कि जेजे कलस्टर या निम्न वर्ग परिवार में रहने वाली महिलाएं खाने में सामान्य नमक का इस्तेमाल करती हैं, जो गलत है। यहीं कारण है कि बाजार में बिकने वाले सभी नमक को अनिवार्य रूप से आयोडाइज्ड नमक किया गया है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को विशेष रूप से आयोडीन की जरूरत होती है। 

यह होता है नुकसान
  • बढ़ जाती है गर्भपात होने की आशंका 
  • हो सकता है मरा हुआ बच्चा पैदा 
  • जन्म के बाद बच्चों में हो सकती है मानसिक व शारीरिक समस्या 
  • बच्चों का विकास होता है प्रभावित 
  • महिलाओं में प्रभावित होता है थायराइड
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