बिना मास्क पहने घर से बाहर निकलने पर लगेगा अब 2000 रुपये जुर्माना, लोग बोले- दो नहीं 5000 करो...
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कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली सरकार ने गुरुवार को कई कदम उठाए हैं। मास्क न पहनने वालों पर जुर्माने की राशि की बढ़ा दी है। बगैर मास्क घर से बाहर निकलने पर अब 500 रुपये की जगह 2000 रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा।
दूसरी तरफ दिल्ली के अस्पतालों में पूर्व नियोजित गैर गंभीर किस्म की सर्जरी भी टाल दी गई है। साथ ही निजी अस्पतालों के 80 फीसदी आईसीयू व 60 फीसदी सामान्य बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार उपराज्यपाल अनिल बैजल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल को दिल्ली की मौजूदा हालात की जानकारी दी। अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, बातचीत में सहमति बनी कि ज्यादातर लोग मास्क पहन रहे हैं, लेकिन अभी बहुत से लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं। इसलिए बिना मास्क पहने बाहर निकलने वालों पर कड़ाई करने का निर्णय लिया गया है। अब बिना मास्क पहने बाहर निकलने वालों पर 500 की बजाय 2000 रुपये जुर्माना लगेगा।
केजरीवाल ने सभी सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं और राजनीतिक दलों से अपील की कि वह अपने कार्यकर्ताओं को सड़क पर उतारें और बिना मास्क पहन कर बाहर निकलने वाले लोगों को मास्क पहनने के लिए जागरूक करें। साथ ही सभी लोगों को मास्क बांटे। मास्क पहनने वाले कोरोना से काफी हद तक बच सकते हैं।
क्या कहते हैं लोग
दिल्ली सरकार के इस फैसले से लोग बहुत खुश हैं और उन्होंने सरकार के इस फैसले का खुले दिल से स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि सरकार ने ये कदम उनके भले के लिए ही उठाया है। लोगों का मानना है कि जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती हम कोरोना को लेकर ढिलाई नहीं कर सकते। अगर हमें मास्क कोरोना से बचाता है तो इसे क्यों न पहना जाए। कुछ तो ऐसे लोग हैं जो कहते हैं कि सरकार को 5000 का जुर्माना लगा देना चाहिए ताकि लापरवाह लोग मास्क लगाना शुरू कर दें।
कपिल नाम के एक शख्स ने कहा कि सरकार ये हमारे लिए ही कर रही है, अगर हम अपना फर्ज नहीं निभाएंगे तो यह गलत होगा।
वहीं वेद नाम के एक शख्स ने कहा, कुछ लोग बिना मास्क पहने घर से निकल जाते हैं, अब जुर्माना बढ़ने से लोग मास्क पहनकर ही निकलेंगे।
People in Delhi welcome UT govt's decision to impose Rs 2000 fine for not wearing mask.
— ANI (@ANI) November 20, 2020
A local, Kapil says "Govt is doing this for us. If we don't do our bit, it's wrong." Another local, Ved says, "People used to be without mask in markets. Now they'll not step out without it" pic.twitter.com/P2SUJz1kOD
अस्पतालों में नॉन क्रिटिकल नियोजित सर्जरी स्थगित
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में जो नॉन क्रिकिटक प्लैंड सर्जरी है, जैसे- किसी को टाउंसिल है। उसे टाउंसिल का ऑपरेशन कराना है और डॉक्टर ने कल की तारीख दे रखी है, लेकिन टाउंसिल का ऑपरेशन अगले महीने भी हो सकता है। इसका ऑपरेशन तत्काल कराना जरूरी नहीं है। इस तरह की सर्जरी का महीने-दो महीने तक ऑपरेशन नहीं हो तो कोई खतरा नहीं होता है। इसे कुछ दिनों के लिए स्थगित करने के लिए सभी अस्पतालों को कहा जा रहा है।
निजी अस्पतालों के 80 फीसदी आईसीयू बेड आरक्षित
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि फिलहाल दिल्ली में 7,461 कोविड बेड हैं। यह बेड दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार और प्राइवेट अस्पतालों में उपलब्ध हैं। जबकि आईसीयू बेड की संख्या 446 है। सरकार ने कोविड के समान्य और आईसीयू बेड बढ़ाने के लिए कुछ अहम निर्णय लिए हैं। अभी पिछले हफ्ते हम लोगों ने कोर्ट की इजाजत के बाद करीब 30 से 32 अस्पतालों के 80 प्रतिशत बेड हम लोगों ने कोरोना के लिए चिंहित कर दिए थे।
अब यह आदेश दिल्ली के सभी प्राइवेट अस्पतालों के ऊपर लागू किए जा रहा है कि दिल्ली के सभी प्राइवेट अस्पतालों के 80 प्रतिशत आईसीयू बेड कोरोना के लिए सुरक्षित किए जा रहे हैं। इससे करीब 400 और बेड निजी अस्पतालों में उपलब्ध होंगे। दिल्ली के अस्पतालों में जो कोविड के समान्य बेड हैं, वो अभी तक प्राइवेट अस्पतालों में 50 प्रतिशत कोविड के लिए सुरक्षित थे। अब कुछ दिनों के लिए इसे बढ़ा कर 60 प्रतिशत बेड कोरोना के लिए सुरक्षित किया जा रहा है। यह आदेश कोरोना माहामारी के पीक तक लागू रहेगा।