Delhi: अवैध रूप से होटल में रह रहे थे बांग्लादेशी, 11 लोगों को जांच के बाद भेजा गया बांग्लादेश
दिल्ली में एंटी स्नैचिंग सेल ने 11 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान कर उन्हें वापस उनके देश भेजा। आरोपियों ने दिल्ली में अवैध रूप से रहने के लिए होटलों का इस्तेमाल किया था।
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दक्षिण-पश्चिम जिले के एंटी स्नैचिंग सेल ने जिले मेें अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों की जांच के लिए चलाए जा रहे अभियान को तेज किया है। इस अभियान के दौरान 11 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान कर उन्हें वापस उनके देश भेज दिया गया है। आरोपियों ने दिल्ली में अवैध रूप से रहने के लिए होटलों का इस्तेमाल किया था।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी के अनुसार, अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों की पहचान मोहम्मद शिमुल (३6), मोहम्मद अली पोरन (24), मोहम्मद शिहाब हुसैन (21), मोहम्मद जाकिर हुसैन बिप्लोव (36), अनवर हसन (25) मसूदुल आलम अतुल (25) जकारिया अहमद (26), अर्पोन कुमार चंदा वर्ष (38) एमडी रफीकुल, (48), मिजानुद्दीन और (21) आरिफुर रहमान अकरम (25)के रूप में हुई है। सभी ग्यारह अवैध प्रवासियों को एफआरआरओ के माध्यम से बांग्लादेश भेज दिया गया है।
राजधानी में बांग्लादेशी नागरिकों सहित प्रवासियों के अनधिकृत प्रवास पर बढ़ती चिंताओं को दूर करने के लिए, दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस ने वैध भारतीय दस्तावेजों के बिना रहने वाले व्यक्तियों की पहचान करने, उन्हें हिरासत में लेने और उन्हें वापस भेजने के प्रयास तेज कर दिए हैं। एंटी स्नैचिंग सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर हरि सिंह, प्रभारी के नेतृत्व में एसआई मांगी लाल, हवलदार नरेंद्र व शीशराम की टीम ने अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें निर्वासित किया है।
25 से अधिक अवैध प्रवासियों वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू
दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेश से आए 25 से अधिक अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) मधुप तिवारी ने कहा कि बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों की पहचान करने का अभियान दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के आदेश पर चलाया जा रहा है। अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें निर्वासित करना शुरू कर दिया है।
विशेष पुलिस आयुक्त ने कहा कि अवैध प्रवासियों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए उन्हें मानव खुफिया और तकनीकी निगरानी की मदद लेनी पड़ी। उनमें से कई के पास बांग्लादेश के आईडी कार्ड हैं और उन्होंने यहां मतदाता पहचान पत्र भी बनवाए हैं।
उन्होंने बताया कि अप्रवासी मेघालय की सीमाओं के माध्यम से भारत में घुसपैठ करते हैं और दिल्ली पहुंचते हैं। फिर उन्हें एक फर्जी आधार कार्ड दिया जाता था, जिसका डेटा चेक करने पर आधार कार्ड फर्जी निकला। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने 12 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया, जो बिना किसी पहचान के दक्षिण दिल्ली के विभिन्न इलाकों में रह रहे थे।
बांग्लादेशी सेल करता है सत्यापन
दक्षिण पूर्व पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त रवि कुमार सिंह ने कहा कि इन लोगों को निजामुद्दीन, कालिंदी कुंज, शाहीन बाग और सरिता विहार सहित क्षेत्रों से पकड़ा गया था। उन्हें हिरासत शिविर में भेज दिया गया है, उन्होंने कहा कि अब तक, हमने निजामुद्दीन, कालिंदी कुंज, शाहीन बाग और सरिता विहार जैसे विभिन्न क्षेत्रों से 12 बांग्लादेशियों को पकड़ा है। हर जिले में एक बांग्लादेशी सेल है, जो इस पर कम करती है।