अरुण जेटली मानहानि मामला, आप नेता की याचिका खारिज
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हाईकोर्ट ने वित्तमंत्री अरुण जेटली मानहानि मामले में आरोपी बनाए गए आम आदमी पार्टी के नेता दीपक वाजपेयी का आवेदन खारिज कर दिया। उन्होंने आवेदन में स्वयं को मामले से अलग करने का तर्क रखते हुए कहा था कि उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी ने याची वाजपेयी के उस तर्क को खारिज कर दिया कि जेटली द्वारा दायर मानहानि मामले में उनके खिलाफ एक भी स्पष्ट आरोप नहीं लगाया गया है। ऐसे में उनको मानहानि के मामले से अलग किया जाए।
अरुण जेटली ने इस मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अलावा राघव चड्डा, कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह व वाजपेयी को आरोपी बनाया है।
जेटली का आरोप है कि इन सभी ने उन पर डीडीसीए का अध्यक्ष रहते वित्तीय अनियमितता व अन्य आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा नष्ट करने का प्रयास किया है।
मुवक्किल को 10 करोड़ रुपये देने का निर्देश
वाजपेयी की ओर से पेश अधिवक्ता एचएस फुलका ने तर्क रखा कि जेटली ने जो याचिका दायर की है, उसमें वाजपेयी के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया है। जब कोई आरोप या साक्ष्य ही नहीं है, तो उनके खिलाफ कैसे मुकदमा चलाया जा सकता है।
ऐसे में उनका नाम याचिका से हटाया जाए। वहीं, दूसरी तरफ जेटली की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर ने तर्क रखा कि सभी आरोपियों ने एक साजिश के तहत मिलकर उनके मुवक्किल के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया है।
इसके अलावा वाजपेयी ने ट्विटर पर जेटली के खिलाफ काफी आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। ऐसे में सभी बराबर जिम्मेदार हैं और वाजपेयी का नाम नहीं हटाया जा सकता। अत: सभी को उनके मुवक्किल को 10 करोड़ रुपये देने का निर्देश दिया जाए।