सतलुज पर सियासत से गहराया संकट, हरियाणा ने दिल्ली के पानी में की कटौती
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पंजाब व हरियाणा के बीच सतलुज नदी के पानी को लेकर शुरू हुई सियासत का असर दिल्ली के निवासियों पर पड़ना शुरू हो गया है। दरअसल, हरियाणा ने दिल्ली को दिए जाने वाले पानी में कटौती कर दी है।
इसके चलते दिल्ली जल बोर्ड के आधा दर्जन संयंत्रों में पानी के उत्पादन पर असर पड़ गया है। इस तरह शनिवार को करीब आधी दिल्ली में पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहने की आशंका हो गई है।
राजधानी में पेयजल आपूर्ति करने के लिए हरियाणा से यमुना नदी और मुनक नहर के माध्यम से कच्चा पानी आता है। यमुना नदी से दिल्ली जल बोर्ड के वजीराबाद व चंद्रावल और मुनक नहर से हैदरपुर-1, हैदरपुर-2, द्वारका, नांगलोई, ओखला व बवाना जल शोधक संयंत्र जुड़े हुए है। नहर से जुड़े संयंत्रों से करीब आधी दिल्ली में पेयजल आपूर्ति की जाती है।
उधर, जल बोर्ड के सूत्रों ने बताया कि मुनक नहर में शुक्रवार को दोपहर बाद पानी का स्तर कम होना शुरू हो गया। अनुमान के अनुसार करीब 25 प्रतिशत पानी कम आ रहा है।
आधी दिल्ली में पानी आपूर्ति प्रभावित
इसके चलते नहर से जुड़े आधा दर्जन संयंत्रों में पानी के उत्पादन पर असर पड़ा है। इन संयंत्रों में 25 से 30 प्रतिशत पानी का उत्पादन कम हो गया है। इसका सीधा असर आधी दिल्ली की पेयजल आपूर्ति पर पड़ेगा।
जल बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को करीब आधी दिल्ली में पेयजल आपूर्ति कम दबाव के साथ कुछ समय के लिए आएगी। इसके चलते राजधानी निवासियों को गर्मी की दस्तक के साथ पेयजल संकट से दो-चार होना पड़ेगा।
दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने मुनक नहर में पानी का स्तर कम होने के संबंध में हरियाणा के सिंचाई विभाग को अवगत कराया है। इसके अलावा उन्होंने जल्दी ही दिल्ली को पूरा पानी देने का आग्रह किया है।
दूसरी ओर हरियाणा से पूरा पानी नहीं मिलने की स्थिति में जल बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की भी तैयारी शुरू कर दी है। मालूम हो कि एसवाईएल पर पंजाब के किसानों का हक दिल्ली के मुख्यमंत्री द्वारा बताए जाने पर हरियाणा सरकार ने नाराजगी जताई थी।
हरियाणा ने दिल्ली को ऐसी स्थिति में पानी देने में असमर्थता जताते हुए अपना पानी लाने के लिए नहर बनवाने तक को कह दिया था। इसी कड़ी में आज पानी कम कर दिया गया।