'बेटी भी हमेशा के लिए छोड़ गई': घर में फंदे पर लटका मिला अध्यापिका का शव, कुछ साल पहले पिता की हुई थी मौत
सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि शिक्षिका के फंदे पर लटक कर जान देने का मामला सामने आया है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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इंचार्ज अध्यापिका का शव घर में ही फंदे पर लटका मिला। संभल के असमोली ब्लॉक के दबोई कलां के जूनियर हाई स्कूल में उनकी तैनाती थी। काफी देर तक कोई हलचल नहीं होने पर मां ने आवाज लगाई। खिड़की से कमरे में झांकने पर शव लटका देख मां के चीखने की आवाज से मोहल्ले के लोगों को पता चला। सूचना पाकर पुलिस मौके पर गई। शव नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
गंगा नगर मोहल्ला निवासी माया देवी का घर रेलवे लाइन किनारे है। उन्होंने बताया कि उनकी 28 वर्षीय बेटी मनीषी संभल के असमोली ब्लॉक के दबोई कलां गांव स्थित जूनियर हाई स्कूल की इंचार्ज अध्यापिका थीं। मंगलवार रात दोनों मां-बेटी खाना खाकर घर में सो गईं। बुधवार सुबह उठकर घर का काम किया। शिक्षिका बेटी मनीषी पड़ोस की दुकान से चीनी खरीद कर लाईं और चाय बनाई। दोनों ने साथ चाय पी। इसके बाद वह घर के काम में लग गईं। बेटी अंदर कमरे में चली गई।
काफी देर तक बेटी की कोई हलचल सुनाई नहीं दी। जिस पर उन्होंने आवाज लगाई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। दरवाजा खटखटाया। फिर खिड़की से कमरे में झांक कर देखा। वह फंदे पर झूल रही थीं। उनके चीखने पर मोहल्ले के लोग आ गए। सूचना पाकर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने शव नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
शिक्षिका का भाई है इंजीनियर, पिता थे रेल स्टेशन अधीक्षक
फंदे पर जिस शिक्षिका मनीषी का शव लटका पाया गया है, उनके पिता मुरारी लाल मूलरूप से मुरादाबाद के हरथला कॉलोनी के रहने वाले थे। वह गजरौला में रेलवे के स्टेशन अधीक्षक रहे। कुछ वर्षों पूर्व उनका निधन हो गया। नगर में दोनों मां-बेटी रहती थीं, जबकि उनके दोनों भाई बाहर रहते हैं। रजनीश इंजीनियर हैं। वह परिवार के साथ नोएडा में रहते हैं। जबकि अवनीश नोएडा में ही निजी कंपनी में नौकरी करते हैं।