{"_id":"5dee4ce88ebc3e8800728c83","slug":"dcw-chief-swati-maliwal-written-letter-to-union-minister-smriti-irani-over-nirbhaya-fund","type":"story","status":"publish","title_hn":"निर्भया फंड को लेकर स्वाति मालिवाल ने लिखा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को पत्र, मांगा लेखा-जोखा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निर्भया फंड को लेकर स्वाति मालिवाल ने लिखा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को पत्र, मांगा लेखा-जोखा
Mon, 09 Dec 2019 07:12 PM IST
Abhishek Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Mon, 09 Dec 2019 07:12 PM IST
विज्ञापन
Swati Maliwal
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने महिला और बाल विकास के उत्थान को लेकर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही केंद्रीय मंत्री से राज्यों को मिल रहे निर्भया फंड के वितरण का लेखा-जोखा भी मांगा है।
विज्ञापन
Delhi Commission for Women (DCW) chief, Swati Maliwal has written to Union Minister for Women and Child Development, Smriti Irani seeking disbursement of Nirbhaya fund to the states. pic.twitter.com/roiCjxwqvt
— ANI (@ANI) December 9, 2019विज्ञापन
बता दें कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने निर्भया फंड आवंटित किया था जिसमें से 2,264 करोड़ रुपयों का इस्तेमाल नहीं हुआ है। यह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए आवंटित 3,600 करोड़ रुपये का 63 प्रतिशत है। सरकार द्वारा आवंटित फंड के 89 प्रतिशत का उपयोग नहीं हुआ है। किसी भी राज्य ने 50 से अधिक फंड के उपयोग की सूचना नहीं दी है।
विज्ञापन
धन आवंटित करने वाले मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में केवल पांच प्रतिशत फंड का उपयोग किया गया है। कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन्स फाउंडेशन ने संसद के साथ जो आंकड़े साझा किए हैं उसके अनुसार राज्यों द्वारा दिए गए विवरण दिखाते हैं कि केवल 11 प्रतिशत फंड यानी 252 करोड़ रुपयों का इस्तेमाल हुआ है।
इसे लेकर लोकसभा में महिला एवं बाल विकास मंत्री ने 29 नवंबर को जवाब दिया था। शोधकर्ताओं ने 50 पन्नों की रिपोर्ट के निरीक्षण में पाया है कि सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के फंड का 25, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के फंड का 19, गृह मंत्रालय के फंड का नौ प्रतिशत और सामाजिक न्यायिक अधिकारिता मंत्रालय के फंड का बिलकुल इस्तेमाल नहीं किया गया।
दिल्ली में 16 दिसंबर, 2012 को फिजियोथेरेपी की छात्रा के साथ चलती बस में हुए सामूहिक दुष्कर्म के बाद निर्भया फंड बनाया गया था।