अब खाएं तो क्या खाएं!: रोज की दाल-रोटी और चाय से कम उम्र में बढ़ रही हड्डियों और जोड़ों की समस्या, जानिए बचाव
विशेषज्ञों के अनुसार, पारंपरिक भारतीय भोजन में कैल्शियम, विटामिन डी और प्रोटीन की कमी से अब 30-40 साल की उम्र में ही हड्डियों और जोड़ों की समस्याएं बढ़ रही हैं।
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घरों का रोजमर्रा का पारंपरिक खाना सुबह की चाय और दोपहर-रात की दाल-रोटी-सब्जी अब कम उम्र के लोगों के लिए हड्डियों और जोड़ों की परेशानी बढ़ाने वाला बनता जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस खाने में कैल्शियम, विटामिन डी और प्रोटीन जैसी जरूरी चीजों की कमी होती है, जिससे 30-40 साल की उम्र में ही घुटनों और पीठ में दर्द, जोड़ों में अकड़न जैसी समस्याएं दिखने लगी हैं।
शालीमार बाग स्थित एक निजी अस्पताल के ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. साइमन थॉमस के अनुसार, इस तरह के खाने में कैल्शियम, विटामिन डी और प्रोटीन की कमी रहती है। साथ ही, लंबे समय तक बैठना और धूप का कम मिलना हड्डियों की घनता को कम कर देता है और जोड़ों की उपास्थि (कार्टिलेज) को कमजोर करता है। इसका असर यह है कि अब 30-40 साल की उम्र में ही लोग घुटनों और पीठ में दर्द, अकड़न और जोड़ों में जकड़न जैसी समस्याओं के साथ अस्पताल आ रहे हैं।
भारत में 195 मिलियन लोग अर्थराइटिस से पीड़ित
डब्ल्यूएचओ-कॉपकॉर्ड अध्ययन के अनुसार, भारत में लगभग 195 मिलियन लोग अर्थराइटिस से पीड़ित हैं। इनमें से करीब दो-तिहाई मामले महिलाओं के हैं। अध्ययन में यह भी पाया गया कि अर्थराइटिस अब डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की तुलना में अधिक आम हो गया है।
डॉ. थॉमस ने हड्डियों और जोड़ों को मजबूत रखने के लिए कुछ आसान उपाय सुझाए हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना दूध, दही, पनीर, छाछ या बादाम जैसे कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ खाने चाहिए। प्रोटीन के लिए अंडा, मछली, चिकन, दाल या पनीर शामिल करें। हरी सब्जियां जैसे पालक, मेथी, ब्रोकली और फल जैसे संतरा, अमरूद अधिक मात्रा में खाएं।
सुबह 15-20 मिनट धूप में रहना चाहिए ताकि शरीर में विटामिन डी का निर्माण हो सके। इसके साथ ही वॉकिंग, योगा, स्क्वाट्स या हल्की जिम जैसी एक्सरसाइज रोज करनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से खून की जांच करवाकर कैल्शियम और विटामिन डी का स्तर पता करें और आवश्यक होने पर सप्लीमेंट लें।