फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   cvo of aiims suspended by health ministery.

एम्स के ‘खेमका’ सीवीओ पर गिरी गाज

Thu, 21 Aug 2014 11:59 AM IST
Updated Thu, 21 Aug 2014 11:59 AM IST
विज्ञापन
cvo of aiims suspended by health ministery.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार को कैंसर से भी खतरनाक मानते हुए कहा था कि न खाऊंगा और न किसी को खाने दूंगा, लेकिन एम्स को भ्रष्टाचार मुक्त कराने की मुहिम में जुटे मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) से तीन माह के लिए चार्ज वापस लेकर उन्हें शक्तिविहीन कर दिया गया है। इस फैसले पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

विज्ञापन


एम्स के कार्यकाल में आईएएस व आईपीएस अफसरों सहित करीब एक दर्जन से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार में सख्त कार्रवाई कर चुके सीवीओ के खिलाफ ढाई वर्ष के कार्यकाल में कोई भी आरोप नहीं लगा है। उनकी कार्यप्रणाली के चलते एम्स में उन्हें दूसरा ‘खेमका’ कहा जाने लगा था।
विज्ञापन


स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के निदेशक अमृत लाल के हस्ताक्षर से जारी आदेश में कहा गया है कि एम्स के सीवीओ संजीव चतुर्वेदी को तत्काल प्रभाव से अपना चार्ज तीन महीने के लिए मंत्रालय के सीवीओ को सौंपने के लिए कह दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पांच साल में हो चुके हैं 12 ट्रांसफर

cvo of aiims suspended by health ministery.

मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की अनुमति ले ली गई है। एम्स के सीवीओ को हटाने के लिए राज्यसभा सांसद जे पी नड्डा की ओर से 8 मई 2013 को तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद और प्रधानमंत्री कार्यालय के  मंत्री वी. नारायण सामी को पत्र लिखा था।

पत्र में कहा गया था कि एम्स सीवीओ की नियुक्ति नियम-कानून के तहत नहीं हुई है। इस पर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से स्पष्ट किया गया था कि सीवीओ की नियुक्ति में सभी नियम-कानून का पालन किया गया है।

हरियाणा कैडर के इंडियन फॉरेस्ट सर्विस के इस अधिकारी के पांच वर्ष में 12 स्थानांतरण हो चुके हैं। यही नहीं हरियाणा में आधा दर्जन प्राथमिकी इनके खिलाफ दर्ज कराई गईं।

इन्हें निलंबित किया गया और मेजर पेनाल्टी की कार्रवाई की गई। लेकिन सभी जांच के बाद भारत के राष्ट्रपति ने मेजर पेनाल्टी के चार्ज को खत्म किया, इनके निलंबन को रद्द किया। तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री भी क्लीन चिट दे चुके हैं। चार बार भारत के राष्ट्रपति ने इनके ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया और इनके कार्य को उत्कृष्ट बताया।

हटाने के पीछे ये हो सकते हैं कारण

cvo of aiims suspended by health ministery.

सीवीओ को हटाने के पीछे अभी कारण स्पष्ट नहीं है लेकिन एम्स के सीवीओ बनने के बाद संजीव चतुर्वेदी ने आईएएस व आईपीएस सहित करीब 15 अधिकारियों व कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के मामले में कड़ी कार्रवाई की थी।

एम्स के तत्कालीन डिप्टी डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के एडीशनल चीफ सेक्रेटरी विनीत चौधरी के खिलाफ सीबीआई में मुकदमा दर्ज कराया। एम्स के 3750 करोड़ रुपये के  प्रोजेक्ट में अनियमितता बरतने का आरोप, सरकारी गाड़ी के गलत इस्तेमाल और अपने पालतू कुत्ते का एम्स के कैंसर सेंटर में इलाज कराने के मामलों में कार्रवाई की।

तत्कालीन डीडीए एम्स और वर्तमान में तिरची के पुलिस कमिश्नर शैलेश यादव के खिलाफ सीबीआई में प्राथमिकी दर्ज कराई और उनके खिलाफ मेजर पेनाल्टी की भी मंजूरी 2014 में मिल गई।

पढ़िए क्या बोले डॉ. हर्षवर्धन?

cvo of aiims suspended by health ministery.

इसके अलावा एम्स के अंदर मौजूद ऑल इंडिया मेडिकोज को बंद किया और 50 लाख रुपये की जमा राशि को जब्त करने के आदेश दिए। दवा की यह दुकान कांग्रेस के एक पूर्व विधायक की थी।

इसके अलावा एम्स के पूर्व रजिस्ट्रार वी.पी.गुप्ता, पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.सी.आनंद, बी.एस.आनंद, डिप्टी चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर राजीव लोचन, चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर अतर सिंह, वित्तीय सलाहकर बसंती दलाल, न्युक्लियर मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. सी.एस. बल के अलावा कई अन्य के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके अलावा अगले कुछ दिनों में एम्स के कुछ अन्य अधिकारी और डॉक्टरों पर गाज गिराने की तैयारी चल रही थी।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि संजीव चतुर्वेदी को बतौर मुख्य सतर्कता अधिकारी (एम्स) नियुक्ति के लिए केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) से स्वीकृति नहीं ली गई थी। उनकी नियुक्ति गलत थी। इसी वजह से उन्हें पद से हटाया गया है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed