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कटाई नहीं छटाई की फिर कहां गए सैकड़ों पेड़?
अमर उजाला, नोएडा
Updated Wed, 05 Mar 2014 01:50 PM IST
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नोएडा के ओखला बर्ड सेंचुरी (ओबीएस) में सैकड़ों हरे पेड़ काटे गए हैं। बिना अनुमति के की गई 100 से अधिक पेड़ों की कटाई के संबंध में पर्यावरणविदों की ओर से शिकायत की गई है।
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पर्यावरणविद विक्रांत तोंगड़ ने बाकायदा इसकी जांच के लिए वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को पत्र लिखा है। संवेदनशील क्षेत्र को लेकर कोर्ट में विचाराधीन ओखला बर्ड सेंचुरी में अब पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। शिकायत के मुताबिक सिंचाई विभाग की ओर से पेड़ ओबीएस के नोटिफाइड एरिया में काटे गए हैं।
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जबकि इसके लिए नेशनल बोर्ड ऑफ वाइल्ड लाइफ और चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन से अनुमति लेनी होती है। पर्यावरण मंत्रालय के सचिव को लिखे गए पत्र के मुताबिक सिंचाई विभाग ने इसकी अनुमति नहीं ली है। सचिव के साथ चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन, लखनऊ और जिला वन अधिकारी को लिखे पत्र में मामले की जांच की मांग की है।
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वहीं, सिचाई विभाग ने कटाई के स्थान पर पेड़ों की छटाई की बात स्वीकार की है। साथ ही दावा किया है कि उन्होंने वाइल्ड लाइफ वार्डन से इसकी अनुमति ली है। जबकि नियमों के मुताबिक एक के बजाय दोनों विभागों से इसकी अनुमति लेनी होती है।
पर्यावरणविद, विक्रांत तोंगड़ ने इस बारे में कहा कि सिंचाई विभाग ने बिना अनुमति के 100 से अधिक पेड़ काट दिए हैं। जबकि उच्चतम न्यायालय का स्पष्ट निर्देश है कि नोटिफाइड एरिया और सेंसिटिव जोन में पेड़ काटने से पहले दोनों विभागों से अनुमति ली जाए।