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Delhi NCR News: दक्खिन दिल्ली प्रदर्शनी में उमड़ी दर्शकों की भीड़
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी में आयोजित “दक्खिन दिल्ली: एक पवित्र संवाद” और “दिव्य छाप” कला प्रदर्शनियां इन दिनों आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। आरजीए ग्रुप की ओर से प्रस्तुत इन प्रदर्शनों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। कला प्रेमियों के साथ-साथ छात्रों और शोधार्थियों में भी इन प्रदर्शनों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनी में दक्कन और उत्तर भारत की समृद्ध कला परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिलता है। इसमें विशेष रूप से तंजौर, मैसूर और पिचवाई चित्रकला के माध्यम से देवत्व की विविध अभिव्यक्तियों को दर्शाया गया है। वहीं दिव्य छाप प्रदर्शनी भारत की प्रारंभिक लिथोग्राफिक प्रिंट परंपरा को समर्पित है। इसमें राजा रवि वर्मा के दुर्लभ कार्यों सहित 21 विशेष ओलियोग्राफ और भक्ति चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। प्रदर्शनी में “मोहिनी” (1905) और “इंदिरा” (1894) जैसे दुर्लभ कार्यों के साथ-साथ अन्य प्रसिद्ध कलाकारों की रचनाएं भी शामिल हैं। यह आयोजन 10 मई 2026 तक आम दर्शकों के लिए खुला रहेगा।
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नई दिल्ली। राजधानी में आयोजित “दक्खिन दिल्ली: एक पवित्र संवाद” और “दिव्य छाप” कला प्रदर्शनियां इन दिनों आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। आरजीए ग्रुप की ओर से प्रस्तुत इन प्रदर्शनों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। कला प्रेमियों के साथ-साथ छात्रों और शोधार्थियों में भी इन प्रदर्शनों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनी में दक्कन और उत्तर भारत की समृद्ध कला परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिलता है। इसमें विशेष रूप से तंजौर, मैसूर और पिचवाई चित्रकला के माध्यम से देवत्व की विविध अभिव्यक्तियों को दर्शाया गया है। वहीं दिव्य छाप प्रदर्शनी भारत की प्रारंभिक लिथोग्राफिक प्रिंट परंपरा को समर्पित है। इसमें राजा रवि वर्मा के दुर्लभ कार्यों सहित 21 विशेष ओलियोग्राफ और भक्ति चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। प्रदर्शनी में “मोहिनी” (1905) और “इंदिरा” (1894) जैसे दुर्लभ कार्यों के साथ-साथ अन्य प्रसिद्ध कलाकारों की रचनाएं भी शामिल हैं। यह आयोजन 10 मई 2026 तक आम दर्शकों के लिए खुला रहेगा।