भैंसे की तेरहवीं में उमड़ पड़ी लोगों की भीड़
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गाजियाबाद के मुरादनगर इलाके में स्थित सुल्तानपुर गांव में बुधवार को पशु प्रेम की अनोखी मिसाल देखने को मिली। गांव के किसान बॉबी चौधरी ने अपने पालतू भैंसे की तेरहवीं की, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। किसान के परिवार ने अपने ही खेत में ही भैंसे की समाधि भी बनाई है।
सुल्तानपुर गांव निवासी बॉबी चौधरी ने दो साल पहले मवाना के रावती गांव से 18 महीने का भैंसा खरीदा था। किसान ने भैंसे का पालन पोषण बच्चों की तरह किया था। बॉबी के मुताबिक उनका भैंसा गंगा स्नान से पूर्व गढ़ गंगा जाते वक्त हापुड़ रोड स्थित किल्हौड़ा गांव से गढ़ चौपले तक लगातार दौड़ता हुआ सबसे पहले पहुंचा।
49 किमी. की दौड़ उसने 4 घंटे 28 मिनट में पूरी की। दौड़ में मुरादनगर, मोदीनगर, भोजपुर, रजापुर और हापुड़ ब्लॉक के 15 भैंसे शामिल थे। उक्त दौड़ में तीन भैंसों की मौत हो गई थी। गढ़ दौड़ से आने के बाद बॉबी का भैंसा बीमार हो गया था।
भैंसे पर हो चुके दो लाख रुपये खर्च, खेत में बनाई समाधि
14 नवंबर को भैंसे की मौत हो गई। पशु प्रेमी बॉबी ने बुधवार को भैंसे की तेरहवीं का आयोजन कर खेत में उसकी समाधि बनाई। तेरहवीं के लिए किसान ने आसपास के गांवों में भी निमंत्रण पत्र बांटे थे।
इस अवसर पर सपा महानगर अध्यक्ष धर्मवीर डबास, रविंद्र सिंह, नरवीर, राजू, अजय, हरेंद्र, जालिंद्र, देवेंद्र, सतीश, बसंता प्रधान आदि मौजूद रहे।
बॉबी अपने भैंसे को आधा किलो देशी घी, पांच लीटर दूध, ढाई सौ ग्राम बादाम, आधा किग्रा. मुनक्खा, चारा आदि की रोजाना खिलाता था। किसान ने भैंसे पर दो साल में करीब दो लाख रुपये खर्च किए थे।