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प्रतिरोध: दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध पर उबाल, एसएफआई ने निकाला मार्च; प्रदर्शन में हजारों छात्र शामिल

Thu, 01 Oct 2026 06:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 01 Oct 2026 06:14 AM IST
सार

मार्च सलीमगढ़ फ्लाईओवर से दिल्ली सचिवालय तक निकाला गया, जिसमें दिल्ली के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों के हजारों छात्र शामिल हुए।

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Crimes against women in Delhi are on the rise, SFI takes out a march
सुरक्षा की खातिर... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों के विरोध में बुधवार को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने मार्च निकाला। मार्च सलीमगढ़ फ्लाईओवर से दिल्ली सचिवालय तक निकाला गया, जिसमें दिल्ली के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों के हजारों छात्र शामिल हुए।

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एसएफआई के अनुसार, सितंबर में दिल्ली में नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के करीब 13 मामले सामने आए। इनमें आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की से सामूहिक दुष्कर्म, सदर बाजार में 11 वर्षीय बच्ची से यौन उत्पीड़न और दिल्ली-एनसीआर में चलती स्लीपर बस में 17 वर्षीय लड़की से सामूहिक दुष्कर्म का मामला शामिल है।संगठन ने कहा कि पुलिस और कानून-व्यवस्था केंद्र सरकार तथा दिल्ली पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आती है, जबकि सार्वजनिक सुविधाओं, शिक्षा और महिलाओं एवं बच्चों से जुड़ी सेवाओं की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की भी है।
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मार्च के बाद एसएफआई प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के संयुक्त सचिव प्रदीप तयाल को ज्ञापन सौंपा। इसमें यौन हिंसा के मामलों में एफआईआर दर्ज करने में देरी पर कार्रवाई, समयबद्ध सुरक्षा ऑडिट, सीसीटीवी कैमरे और स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की गई। संगठन ने सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित बनाने, महिलाओं के लिए सहायता केंद्र और सुरक्षित सार्वजनिक शौचालय उपलब्ध कराने तथा स्कूलों में लैंगिक संवेदनशीलता की शिक्षा देने की मांग भी की। इसके अलावा लैंगिक और यौन अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग रखी गई।
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महिलाओं को सुरक्षा दो, पितृसत्ता खत्म करो, डीयू छात्राओं का मार्च
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज फॉर वुमेन समेत कई कॉलेजों की छात्राओं ने बुधवार को महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मार्च निकाला। कॉलेज से पंजाबी बाग पुलिस स्टेशन तक निकाले गए मार्च में छात्राओं ने पुलिस गश्त बढ़ाने और कॉलेजों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। कालकाजी के आस्था कुंज में हुई घटना के बाद छात्राओं का यह चौथा प्रदर्शन था।


इससे पहले नॉर्थ कैंपस समेत अन्य कॉलेजों के बाहर भी छात्राओं ने विरोध मार्च निकाले थे। ‘पितृसत्ता को खत्म करो- महिला सुरक्षा मार्च’ के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में छात्राएं पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचीं। इनमें ‘यह अजीब है कि मेरे कपड़े आपकी सोच जाहिर करते हैं’, ‘पितृसत्ता को खत्म करो’, ‘घास को छुओ, महिलाओं को नहीं’, ‘मर्दों में शर्म नहीं’ और ‘औरतें क्यों हैं पर्दों में’ जैसे संदेश लिखे थे।
छात्राओं ने कॉलेजों में पिंक हेल्प डेस्क बनाने, बेहतर सीसीटीवी कवरेज और आसपास नियमित पुलिस गश्त की मांग रखी। 
 

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