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Delhi NCR News: जीटीबी अस्पताल में जरूरी मेडिकल सामान की कमी
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ईसीजी जेली, कैनुला और ग्लूकोस्टिक्स समेत कई सामान उपलब्ध नहीं, मरीजों को हो रही परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में मरीजों के इलाज और जांच के लिए कई जरूरी सामान उपलब्ध नहीं हैं। सैनिटरी नैपकिन, एचबी मीटर की क्यूवेट्स, ईसीजी जेली, ईसीजी रोल, ईसीजी पेपर, आईवी कैनुला और ग्लूकोस्टिक्स जैसे महत्वपूर्ण उपकरण फिलहाल अस्पताल में नहीं हैं। इस कमी के कारण मरीजों को जांच और इलाज में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। जरूरी मेडिकल सामान की अनुपलब्धता से मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है। जांच से जुड़े सामान की कमी होने पर मरीजों को इंतजार करना पड़ सकता है या उन्हें बाहर से खरीदना पड़ सकता है। मरीज सतीश कुमार ने बताया कि सरकारी अस्पताल में कम खर्च में इलाज की उम्मीद होती है। उन्होंने कहा कि बाहर से सामान खरीदने पर आर्थिक बोझ बढ़ता है।
मरीज सुनीता नेगी ने कहा कि बीमारी और इलाज के खर्च के साथ बाहर से सामान लाना मुश्किल होता है। कहा कि अस्पताल में ही सभी जरूरी चीजें उपलब्ध होनी चाहिए ताकि इलाज में देरी न हो। अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुप्रिटेंडेंट प्रवीण कुमार के अनुसार, इन जरूरी सामान की खरीद प्रक्रिया जारी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में मरीजों के इलाज और जांच के लिए कई जरूरी सामान उपलब्ध नहीं हैं। सैनिटरी नैपकिन, एचबी मीटर की क्यूवेट्स, ईसीजी जेली, ईसीजी रोल, ईसीजी पेपर, आईवी कैनुला और ग्लूकोस्टिक्स जैसे महत्वपूर्ण उपकरण फिलहाल अस्पताल में नहीं हैं। इस कमी के कारण मरीजों को जांच और इलाज में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। जरूरी मेडिकल सामान की अनुपलब्धता से मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है। जांच से जुड़े सामान की कमी होने पर मरीजों को इंतजार करना पड़ सकता है या उन्हें बाहर से खरीदना पड़ सकता है। मरीज सतीश कुमार ने बताया कि सरकारी अस्पताल में कम खर्च में इलाज की उम्मीद होती है। उन्होंने कहा कि बाहर से सामान खरीदने पर आर्थिक बोझ बढ़ता है।
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मरीज सुनीता नेगी ने कहा कि बीमारी और इलाज के खर्च के साथ बाहर से सामान लाना मुश्किल होता है। कहा कि अस्पताल में ही सभी जरूरी चीजें उपलब्ध होनी चाहिए ताकि इलाज में देरी न हो। अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुप्रिटेंडेंट प्रवीण कुमार के अनुसार, इन जरूरी सामान की खरीद प्रक्रिया जारी है।
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