बाप की प्रेमिका को दे दी मौत, कोर्ट को भी दिया चकमा
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वारंट रद्द कराने का आवेदन करने पहुंचे हत्या के एक आरोपी की अदालत ने जमानत रद्द कर उसे हिरासत में लेने का आदेश दे दिया।
पिता की महिला मित्र की हत्या में दोषी करार कुलजीत सिंह उर्फ प्रिंस को उम्रकैद की सजा मिली है। अपील के लिए उसे जमानत मिली थी जिसके बाद से वह फरार था।
बताया गया कि हाईकोर्ट ने उसे कई बार वारंट किया, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था। दबाव बढ़ने पर उसने गिरफ्तारी वारंट रद्द करने के लिए अदालत में आवेदन दायर किया।
एक बार छूटा तो फिर नजर नहीं आया
न्यायमूर्ति कैलाश गंभीर व न्यायमूर्ति सुनीता गुप्ता की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि पेश साक्ष्यों से स्पष्ट है कि याची कुलजीत ने अदालत में गैरहाजिर रहने व अपील के निपटारे में देरी का हर संभव प्रयास किया।
उसने अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग किया। वह काफी समय से अपने जमानती के भी संपर्क में नहीं है। ऐसे में उसके खिलाफ जारी वारंट को रद्द करने का कोई आधार नहीं है।
अदालत ने कुलजीत पर 25 हजार रुपये जुर्माना करते हुए हिरासत में लेने का आदेश जारी कर दिया। पुलिस ने उसे तुंरत हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
अवैध संबंधों से खफा था
आरोप है कि कुलजीत अपने पिता के एक महिला से अवैध संबंधों से खफा था और उसने अपने साथी से मिलकर महिला की हत्या कर दी थी।
हाईकोर्ट ने उसकी अपील के निपटारे तक 27 नवंबर 2011 को उसे जमानत दे दी थी। अपील पर पहली बार 10 जुलाई 13 को सुनवाई आई लेकिन वह पेश नहीं हुआ।
इसके बाद कई बार सुनवाई आई और उसके पेश न होने पर अदालत ने पहले जमानती वारंट व फिर गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए।