पिता, भाई व बहन पर अवैध संबंधों का आरोप लगाने वाली शक के घेरे में
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हाईकोर्ट ने एक युवती द्वारा अपने ही भाई पर मारपीट, छेड़छाड़ व रेप के प्रयास के आरोप को संदेह के दायरे में लिया है। अदालत ने कहा कि आरोप काफी गंभीर प्रकृति का है लेकिन पूर्व में दोनों के पारिवारिक विवाद व एक दूसरे के खिलाफ दर्ज मामलों को देखते हुए अंतिम नतीजे पर नहीं पंहुचा जा सकता।
ऐसे में आरोपी को अग्रिम जमानत दी जाती है। युवती ने अपने भाई के साथ-साथ पिता व दूसरी बहन पर भी कई गंभीर आरोग लगाए और उनके बीच अवैध संबंधों का भी आरोप लगाया। इतना ही नहीं, एक लॉ फर्म में सीईओ पद पर कार्यरत बहन पर उच्चस्तर के लोगों को महिलाओं की सप्लाई तक का आरोप लगाया है।
न्यायमूर्ति एसपी गर्ग ने अपने फैसले में कहा कि पुलिस की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि इस अदालत के आदेश के बाद आरोपी ने जांच में सहयोग किया है। इसके अलावा दोनों पक्ष एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के आदी है।
बहन के आरोपों पर संदेह के चलते भाई को जमानत
उनके बीच कई आपराधिक व सिविल मामले विचाराधीन है। युवती ने घटना वाले दिन पुलिस को तीन बार फोन किया, लेकिन यह नहीं बताया कि उसके साथ रेप का प्रयास हुआ है, उसने मात्र झगड़े की सूचना दी थी।
इतना ही नहीं युवती ने अंदरूनी चिकित्सा जांच करवाने से इंकार कर दिया और उसे जो मामूली चोट आई, वह आरोपी भाई या पिता से मारपीट में आई, यह भी नहीं बता पाई। इसके अलावा घटना से कुछ दिन पूर्व ही उनकी मां ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी बेटी ने रेप या रेप के प्रयास में परिवार को फंसाने की धमकी दी है।
इसके अलावा युवती अपने घर में करीब डेढ़ वर्ष बाद आई और तभी यह विवाद हुआ। पेश मामले के अनुसार, युवती ने आरोप लगाया था कि 16 मई, 2015 को कपड़े बदल रही थी, उसी समय उसका भाई जबरन कमरे में घुस आया व यौन हमला किया।
शोर मचाने पर पिता व बहन आ गए और उससे मारपीट करने लगे। पुलिस ने अदालत को बताया कि युवती पहले भी दो बार अपने भाई पर ऐसे ही आरोप लगा चुकी है। वहीं भाई ने भी मामला दर्ज करवाया हुआ है। उनके बीच संपत्ति विवाद चल रहा है।