जब बुलंदशहर में हुई गैंगरेप की वारदात तो नोएडा में खुलासा क्यों?
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29 जुलाई को हाईवे पर हुई हैवानियत ने पूरे देश को सकते में डाल दिया। मुख्यमंत्री ने 24 घंटे में वारदात का खुलासा करने के निर्देश पुलिस को दिए, लेकिन 24 घंटे तो दूर पुलिस नौ दिन तक मामला नहीं खोल सकी।
सोमवार को जब हाईकोर्ट ने मामले पर स्वत: संज्ञान लिया और पुलिस को मामला खोलने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम देकर सीबीआई जांच कराने की चेतावनी दी तो 24 घंटे से पहले पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
सवाल पुलिस के खुलासे के स्थान पर उठ रहे हैं। पुलिस हमेशा वारदात स्थान के जनपद मुख्यालय पर ही प्रेस कांफ्रेंस कर खुलासा करती है, लेकिन इस
मामले में पुलिस ने खुलासे के लिए नोएडा को चुना।
जानिए मामले में अबतक क्या हुआ?
आईजी मेरठ से नोएडा पहुंचे तो एसएसपी समेत बाकी अधिकारी बुलंदशहर से नोएडा पहुंचे। सारे आरोपियों को बुलंदशहर से नोएडा ले जाया गया, जबकि वारदात बुलंदशहर में हुई।
हाईवे पर हैवानियत : कब-क्या हुआ
- 29 जुलाई : रात एक बजे पूरे परिवार को बंधक बनाकर मां-बेटी के साथ गैंगरेप ।
- 30 जुलाई : सुबह चार बजकर 15 मिनट पर बदमाश पीड़ित परिवार को छोड़कर भागे।
- सुबह पांच बजकर 30 मिनट पर पुलिस को सूचना मिली और मौके पर पहुंची।
- 7.30 बजे डीआईजी लक्ष्मी सिंह पहुंचीं और परिवार का मेडिकल करा शाहजहांपुर भेजा।
- सुबह 11 बजे तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने देहात कोतवाल रामसेन सिंह को लाइन हाजिर किया।
- शाम होते-होते तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने देहात कोतवाल रामसेन सिंह को सस्पेंड कर दिया।
- 31 जुलाई : दोपहर दो बजे डीजीपी जावीद अहमद और प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा बुलंदशहर पहुंचे।
- शाम सात बजे एसएसपी वैभव कृष्ण, एसपी सिटी राममोहन सिंह, सीओ सिटी हिमांशु गौरव को मुख्यमंत्री ने सस्पेंड कर दिया।
-रात में पुलिस ने जबर सिंह, शाबेज और रईस को वैर स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।
-पीड़ित परिवार से मिलने पुलिस लाइन पहुंचीं महिला आयोग की सदस्या से पीड़िताओं ने महिला चिकित्सक द्वारा की गई अभद्रता की शिकायत की।
- 01 जुलाई : दोपहर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
- 02 जुलाई : दोपहर दो बजे नए एसएसपी अनीस अहमद अंसारी ने जिले की कमान संभाली।
- 02 जुलाई : मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने माले की जांच आईजी मेरठ जोन सुजीत पांडेय को सौंपी।
- 04 जुलाई : हाईवे पर वारदात को अंजाम देने वाला सलीम बावरिया पुलिस की गिरफ्त में लेकिन पुष्टि नहीं