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प्रोफेसर द्वारा यौन उत्पीड़न की शिकार छात्रा ने छोड़ी यूनिवर्सिटी
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Tue, 03 May 2016 04:36 AM IST
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प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का मामला
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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यौन उत्पीड़न की शिकार छात्रा ने गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी छोड़ने का फैसला किया है। वह अब यहां परीक्षा में नहीं बैठेगी। उसने सोमवार को हॉस्टल छोड़ दिया। परिवार ने यह निर्णय छात्रा के मानसिक तनाव को देखते हुए लिया है। परिजनों का आरोप है कि जिस यूनिवर्सिटी में उनकी बच्ची सुरक्षित नहीं है, वहां उसे नहीं पढ़ाएंगे। अब छात्रा पटना में ही पढ़ाई पूरी करेगी।
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सोमवार को छात्रा के पिता और चाचा यूनिवर्सिटी पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह छात्रा को यहां से ले जाने के लिए आए हैं। हॉस्टल की चीफ वार्डन विदुशी शर्मा ने छात्रा और परिजनों की काफी देर तक काउंसलिंग की, मगर वह नहीं माने। परिजन छात्रा और उसके सारे सामान को लेकर यूनिवर्सिटी से चले गए।
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पीड़िता के चाचा ने बताया कि जिस यूनिवर्सिटी में उनकी बेटी सुरक्षित नहीं है, वहां वह अपनी बच्ची को नहीं पढ़ाएंगे। अब वह अपनी बेटी को पटना में ही शिक्षा दिलाएंगे, जहां वह उनकी आंखों के सामने रहेगी। उन्होंने बताया कि यह निर्णय काफी सोच समझकर लिया गया है। चूंकि छात्रा काफी मानसिक तनाव में है, इसलिए परीक्षा भी नहीं देगी।
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क्या था मामला
छात्रा ने शुक्रवार को प्रोफेसर रूपेंद्र पचौरी पर अश्लील हरकत व छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। छात्रा ने डीन समेत अन्य अफसरों से शिकायत की। आरोप है कि डीन ने छात्रा की शिकायती पत्र को फाड़ दिया। छात्रा ने इसकी जानकारी अपने दोस्तों को दी। छात्र-छात्राओं के हंगामा करने पर आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई और उसे यूनिवर्सिटी से निलंबित कर दिया गया। छात्रों के 17 घंटे तक चले अनिश्चतकालीन धरने के चलते दो मई की परीक्षा को 9 मई कर दिया गया।
छात्रा की उपस्थिति केवल एक विषय में ही कम थी। जिसमें नियमानुसार वह परीक्षा नहीं दे सकती थीं। लेकिन अन्य परीक्षाओं में वह बैठ सकती है। उनके यहां प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जाता है, बल्कि आईकार्ड से ही एंट्री दी जाती है।
-तृपा पॉल, कोर्डिनेटर एग्जामिनेशन जीबीयू
न्याय के लिए बिहार के मंत्रियों से मिले परिजन
गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी में छात्रा के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले में न्याय के लिए परिजनों ने अभी से प्रयास करने शुरू कर दिए हैं। परिजनों ने सोमवार को दिल्ली में जाकर बिहार के मंत्रियों से मिलकर पूरी घटना का ब्योरा दिया है। उधर, मंत्रियों ने इस घटना के बारे में मुख्यमंत्री से मिलकर विचार करने का आश्वासन दिया है।
अदालत में हुए छात्रा के बयान
पुलिस की ओर से रिपोर्ट दर्ज करने के बाद सोमवार को छात्रा का मेडिकल कराया गया और उसके बाद कोर्ट में बयान हुए। छात्रा ने अपने बयान में पूरी घटना को दर्ज कराया है।
न्याय के लिए मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे परिजन
छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन आरोपी प्रोफेसर रूपेंद्र पचौरी को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। मगर वह प्रोफेसर को सजा दिलाकर रहेंगे। भले ही उनको किसी भी मंत्री या अफसर का ही दरवाजा क्यों न खटखटाना पड़े। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी मिला जाएगा।