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वर्षा हत्याकांड: 3 साल बाद भी हत्यारों का पता नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Sat, 03 May 2014 11:30 AM IST
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गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी में करीब साढे़ तीन साल पहले असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नागेंद्र सिंह की पत्नी वर्षा की हत्या कर दी गई थी, लेकिन आज तक पुलिस हत्यारों का सुराग नहीं लगा सकी।
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मामले को मर्डर मिस्ट्री मानकर कासना पुलिस ने 10 अप्रैल 2012 को कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट भी दाखिल कर दी थी। प्रोफेसर नागेंद्र ने बताया कि क्लोजर रिपोर्ट में लाई डिटेक्टर टेस्ट का जिक्र नहीं था, जिसके चलते कोर्ट ने सात मई 2012 को पुलिस को दोबारा से जांच करने का आदेश दिया था। इसके बाद भी कोई तथ्य सामने नहीं आया। अब प्रोफेसर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई से जांच कराने की मांग की है, जिस पर फैसला आना अभी बाकी है।
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दिसंबर 2010 में हुई थी हत्या
यूनिवर्सिटी में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नागेंद्र सिंह पत्नी वर्षा के साथ स्टाफ क्वार्टर के डी ब्लॉक में रहते थे। 14 दिसंबर 2010 को सुबह करीब साढ़े आठ बजे प्रोफेसर क्लास लेने के लिए गए थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे उन्होंने वर्षा के मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की।
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जब कई बार फोन नहीं उठा तो करीब आधा घंटे बाद वह अपने फ्लैट पर पहुंचे। गेट बाहर से बंद था। वे कुंडी खोलकर अंदर गए तो देखा कि पत्नी लहूलुहान हालत में पड़ी है। किसी धारदार हथियार से गला रेतकर उसकी हत्या की गई थी। वारदात के बाद हत्यारे ने गले पर कपड़ा लपेट दिया था। बेडरूम की अलमारी का सामान बिखरा हुआ था व एक मोबाइल और लैपटॉप गायब था।
मोबाइल व लैपटॉप भी बरामद नहीं कर सकी पुलिस
घटनास्थल से पुलिस ने खून से सनी कैंची बरामद की थी, तब उम्मीद जगी थी कि शायद इस क्लू से हत्यारों तक पहुंचा जा सके, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुलिस वर्षा के मोबाइल व लैपटॉप को भी बरामद नहीं कर सकी। पुलिस मान रही थी कि लैपटॉप में कुछ था, इसलिए हत्यारे लैपटॉप ले गए।
पुलिस ने खून के नमूनों को एकत्र कर उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भी भेजा था। वर्षा के परिजनों ने कैंपस में काम करने वाले तीन लोगों पर संदेह जाहिर किया था। पुलिस ने उनके फिंगर प्रिंट भी लिए थे, लेकिन हत्यारे और संदेह के घेरे में आए लोगों के निशान मैच नहीं हो पाए थे। इसके अलावा पुलिस ने दो नौकरानी और सिक्योरिटी गार्डों से भी पूछताछ की थी। इसके बावजूद पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा।
प्रोफेसर नागेंद्र ने कहा कि मैं न्याय पाने के लिए भटक रहा हूं, ताकि पत्नी के हत्यारों को सजा मिल सके, लेकिन अभी तक उन्हें कोई आस नहीं जगी है।
एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने कहा, मैंने वर्षा हत्याकांड की अपने स्तर जांच कराई थी। प्रथमदृष्टया यह लूट के दौरान हत्या का मामला प्रतीत हुआ था, लेकिन ऐसा नहीं था। जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि हत्यारे ने पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए घर का सामान बिखेरा था। वारदात के पीछे कोई और ही वजह थी।