गैंगरेप के बाद 'चाचा' ने एक लाख में बेचा
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गाजियाबाद के गोविंदपुरम से चार माह पहले अगवा की गई युवती को कविनगर पुलिस ने नंदग्राम से बरामद कर लिया है। मुंहबोले चाचा यतेंद्र और दो महिलाओं रानी और ऊषा को गिरफ्तार किया गया है।
युवती ने बताया कि उसके पिता के दोस्त और मुंहबोले चाचा ने बेहोश कर उसका अपहरण किया था।
चाचा और दो अन्य युवकों ने उसके साथ कई दिन तक गैंगरेप किया, इसके बाद दो महिलाओं की मदद से उसे लोनी के युवक को एक लाख रुपये में बेच दिया गया, जिसने उससे कथित तौर पर शादी कर ली।
नशीला पदार्थ सुंघाकर किया था बेहोश
गोविंदपुरम में रहने वाली पीड़िता की मां ने बताया की उनकी बेटी (21) घर से ही लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद न मिलने पर 4 मार्च 2014 को गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
पीड़िता ने बताया कि वारदात के दिन वह घर पर झाडू लगा रही थी। गोविंदपुरम निवासी मुंहबोले चाचा यतेंद्र ने नशीला पदार्थ सुंघाकर उसका घर से अपहरण कर लिया था। उसे नंदग्राम निवासी रानी उर्फ सुखी के घर ले गए, जहां उसके साथ गैंगरेप किया गया था।
यतेंद्र ने रानी और लोनी निवासी ऊषा और वीरपाल के साथ मिलकर उसे लोनी निवासी अंकित उर्फ जयपाल उर्फ शेखर को एक लाख रुपये में बेच दिया था।
गंगा स्नान पर हुई थी मुलाकात
पीड़िता ने बताया कि कथित पति उसे हमेशा घर में बंद कर रखता था। घर से भागने पर जान से मारने की धमकी देता था। गिरफ्तार ऊषा और रानी ने बताया कि उन्होंने पीड़िता की मर्जी से उसकी शादी कराई थी।
पीड़िता ने बताया कि वह ज्येष्ठ दशहरे के दौरान कथित पति के साथ अनूपशहर गई थी। वहां उसे गोविंदपुरम में रहने वाली उनकी पड़ोसन ने उसे पहचान लिया था।
उसने आपबीती पड़ोसन को सुनाई थी। पड़ोसन ने उसकी मां को बताया। मां ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने यतेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामला खुल गया।