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दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में बड़ी घपलेबाजी का भंडाफोड़, क्लर्क ही निकला गुनहगार
पुरुषोत्तम वर्मा /अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 15 Jul 2016 02:19 PM IST
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दिल्ली विधानसभा
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने फर्जी स्टिकर व पार्किंग पास बरामदगी मामले में दिल्ली विधानसभा के यूडीसी वसंत बहादुर खतरी को गिरफ्तार किया है।
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ये विधानसभा के असली पास व स्टिकर को बाहर बेचता था। दिल्ली पुलिस ने यूडीसी की गिरफ्तारी को लेकर विधानसभा को सूचित कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में विधानसभा के आठ पास व स्टीकर बरामद किए हैं।
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दिल्ली पुलिस ने आरोपी यूडीसी को कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गौरतलब है अपराध शाखा में तैनात इंस्पेक्टर सुरेंद्र दलाल की टीम ने गत 24 जून को विधानसभा के फर्जी स्टीकर, विधायक के पास व पार्किंग पास बेचने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया था।
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पुलिस ने दो आरोपी दिल्ली विधानसभा के पूर्व डिप्टी सेक्रेटरी लालमणि के निजी ड्राइवर जितेंद्र कुमार व एक निजी चैनल के पत्रकार विनोद बसंल को गिरफ्तार किया था।
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विधानसभा में स्टोर कीपर के तौर पर रखता था पास और स्टीकर
गिरफ्तार
- फोटो : file photo
पुलिस ने दोनों से पूछताछ के बाद विधानसभा के यूडीसी वसंत बहादुर खतरी को 12 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया। वसंत खतरी विधानसभा में स्टोर कीपर था और पास व स्टीकर इसी के अंडर में रहते थे।
वहीं इसे जारी करता था। वह जितेंद्र व विनोद बंसल को 10 से 50 हजार में कोर पास देता था। आरोपी उस पर साइन कर आगे लोगों को बेच देते थे।
पूछताछ में ये बात सामने आई है कि आरोपी यूडीसी विधानसभा के असली स्टिकर व पास बाहर बेचता था।
हालांकि, उन पर साइन नकली होते थे। पुलिस बरामद पास व स्टिकर को जल्द ही फोरेंसिक जांच के लिए भेजेगी। अपराध शाखा के अधिकारियों का ये भी कहना है कि यूडीसी वसंत खतरी व जितेंद्र को जल्द ही फिर से रिमांड पर लिया जाएगा।
दोनों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। वसंत खतरी मूलरूप से नेपाल का रहने वाला है। उसके पिता भी विधानसभा में नौकरी करते थे। अपराध शाखा के अधिकारियों का ये भी कहना है कि अभी तक की जांच में विधानसभा के किसी और अधिकारी व कर्मचारी का नाम सामने नहीं आया है।
वहीं इसे जारी करता था। वह जितेंद्र व विनोद बंसल को 10 से 50 हजार में कोर पास देता था। आरोपी उस पर साइन कर आगे लोगों को बेच देते थे।
पूछताछ में ये बात सामने आई है कि आरोपी यूडीसी विधानसभा के असली स्टिकर व पास बाहर बेचता था।
हालांकि, उन पर साइन नकली होते थे। पुलिस बरामद पास व स्टिकर को जल्द ही फोरेंसिक जांच के लिए भेजेगी। अपराध शाखा के अधिकारियों का ये भी कहना है कि यूडीसी वसंत खतरी व जितेंद्र को जल्द ही फिर से रिमांड पर लिया जाएगा।
दोनों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। वसंत खतरी मूलरूप से नेपाल का रहने वाला है। उसके पिता भी विधानसभा में नौकरी करते थे। अपराध शाखा के अधिकारियों का ये भी कहना है कि अभी तक की जांच में विधानसभा के किसी और अधिकारी व कर्मचारी का नाम सामने नहीं आया है।