पंक्चर गिरोहः सवा करोड़ का सोना उड़ाने पर 4 अरेस्ट
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दक्षिण जिले के स्पेशल स्टाफ व एसटीएफ ने संयुक्त रूप से कार से 4.1 किलो सोना उड़ाने वाले टायर पंचर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के दो नाबालिग सदस्यों समेत चार आरोपियों को पकड़ा है। इनके कब्जे से 1800 ग्राम सोना बरामद किया गया है।
आरोपी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में बैग उड़ाने की वारदात को अंजाम देते थे। डीसीपी बीएस जयसवाल के अनुसार कूचा महाजनी, चांदनी चौक में ज्वेलरी शॉप चलाने वाले शुभम ने 16 मई को आईपी एस्टेट थाना पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि वह अपने नौकर विनोद के साथ एक ग्राहक को ज्वेलरी देने करोलबाग जा रहा था।
राजघाट के पास उनकी कार का टायर पंक्चर हो गया। जब वह कार का टायर बदलवा रहा था, उस समय एक ऑटो चालक ने बताया कि दो बाइक सवारों ने उसकी कार से बैग चुरा लिए हैं।
एक करोड़ दस लाख का था सोना
बैगो में करीब एक करोड़ दस लाख रुपये की कीमत का 4.1 किलो सोना था। स्पेशल स्टाफ इंस्पेक्टर अखिलेश यादव और एसटीएफ प्रभारी राजेंद्र सिंह की टीमें इस मामले की जांच में लगी हुई थी।
इन टीमों को तफ्तीश में पता लगा कि इस वारदात में टायर पंक्चर गिरोह का हाथ हो सकता है। कई दिनों की तफ्तीश के बाद पुलिस टीमों ने बाबा गंगानाथ मंदिर के पास से माइकल, दीपक और दो नाबालिगों को उस समय पकड़ लिया जब वह चोरी किए गए सोने को बेचने वसंत विहार इलाके में आए थे।
आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया था वह तिमारपुर, कश्मीरी गेट, मुखर्जी नगर, रानीबाग और तिलक नगर में बैग चुराने की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।
ऐसे देते थे वारदातों को अंजाम
इस गिरोह के सदस्य सबसे पहले अपने शिकार की तलाश करते थे। इसके बाद ये बाइक से कार का पीछा करते थे। रेड लाइट पर गिरोह का एक सदस्य सुए से कार के टायर को पंक्चर कर देता था।
इसके बाद ये कार का रुकने तक पीछा करते थे। पीड़ित जब कार का टायर बदल रहे होते थे उस समय नाबालिग सदस्य कार से बैग आदि उठा लेते थे। उस समय बाइक सवार बालिग सदस्य पीड़ित को ध्यान बांट देते थे।