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पुलिस की मिलीभगत से लूटते थे सरियों से भरे ट्रक
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 20 Mar 2017 04:05 PM IST
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पकड़े गए लुटेरे।
- फोटो : अमर उजाला
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एसपी सिटी की टीम और कोतवाली पुलिस ने एनएच-24 पर और पश्चिमी यूपी के हाईवे पर पुलिस की मिलीभगत से लूट करने वाले छह लुटेरे और एक खरीदार को गिरफ्तार किया है। एसपी सिटी ने पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच के लिए सीओ फर्स्ट को निर्देशित किया है।
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यह गैंग मैनेजमेंट कंपनी की तरह काम करता था। लुटेरों को सरगना सैलरी देता था। पकड़े गए आरोपियों में अनुज शर्मा निवासी पंचशील लालकुआं, विशाल नागर निवासी चिपियाना, बिसरख नोएडा, हसमत निवासी अगौता बुलंदशहर, सिराज निवासी इकौना गोंडा, साजन निवासी सिरसिया श्रावास्ती, बालवीर निवासी सोनपुर बहराइच हैं, जबकि उनसे लूट का सामान को खरीदने वाला प्रवीण कुमार निवासी दौलतपुरा है।
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एसपी सिटी सलमान ताज ने बताया कि एक सूचना पर आरोपियों को कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि गैंग के सरगना अनुज शर्मा ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले कई महीनों से हाईवे पर लूट की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
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वह पहले लग्जरी कार से ट्रक को ओवरटेक करते थे। इसके बाद साथियों के साथ हथियारों के बल पर ड्राइवर और हेल्पर को नीचे उतारते थे। वह सरियों से भरे ट्रक में से एक से दो टन सरिया लूट लेते थे। लूटे हुए माल को ट्रैक्टर और ट्रक में डालकर सिविल लाइंस इलाके में बने एक गोदाम में जाकर उतार देते थे।
यह गोदाम खरीदार प्रवीण का है, जो उनसे सस्ते दामों पर माल खरीदता था। अनुज ने बताया कि प्रवीण के अलावा कई पुलिसकर्मी भी उनके इस कारनामे में उनका साथ देते थे, जिसकी एसपी सिटी ने सीओ फर्स्ट इंद्रपाल को जांच सौंपी है।
ने आरोपियों से एक टन सरिया, चार 14 टायर के ट्रक, दो ट्रैक्टर, लग्जरी कार, पिस्टल और चाकू बरामद किया है। पूछताछ में अनुज ने बताया है कि वह अपने गैंग के सदस्यों को 20 हजार रुपये सैलरी देता था और एक मैनेजमेंट कंपनी की तरह काम करता था।
इसके लिए उसने विशाल नागर को मैनेजर बना रखा था। विशाल का काम ट्रक को टारगेट करना और लूट की प्लानिंग बनाना होता था। वहीं लूट में हथियारों का प्रयोग अनुज और हसमत किया करते थे।