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इलाज को मां और पत्नी ने गिरवी रखा था मंगल सूत्र, कर्ज में डूबा है रवि का परिवार 

Sun, 09 Oct 2016 01:25 PM IST
सीएल मौर्य /अमर उजाला, नोएडा
सीएल मौर्य /अमर उजाला, नोएडा Updated Sun, 09 Oct 2016 01:25 PM IST
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Treating the mother and wife had pledged formula Tue, Sun's family immersed in debt
बिसाहड़ा कांड - फोटो : अमर उजाला
बिसाहड़ा कांड में इकलाख हत्याकांड में आरोपी रवि उर्फ रॉबिन के इलाज और कोर्ट में पैरवी के लिए उसकी मां व पत्नी ने अपना मंगल सूत्र तक गिरवी रख दिया था, फिर भी रवि को बचाया नहीं जा सका। 
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जमानत मिलने के बजाय रवि का शव घर पहुंचा। रवि के जेल जाने के बाद परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। पिछले एक साल के दौरान कोर्ट में मामले की पैरवी में घर की जमा पूंजी खत्म हो गई तो नाते-रिश्तेदारों के अलावा बाहर से भी कर्ज लेना पड़ा। 
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गोरक्षा दल के अलावा अन्य किसी से आर्थिक मदद न मिलने पर मां निर्मला और पत्नी पूजा ने अपना मंगल सूत्र गिरवी रख दिया। 30 सितंबर को रवि के बीमार होने की जानकारी मिली तो इलाज के लिए दोनों ने कुंडल व अन्य जेवरात गिरवी रख दिए। 
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घर बेचने तक की आ गई थी नौबत

Treating the mother and wife had pledged formula Tue, Sun's family immersed in debt
बिसाहड़ा कांड - फोटो : अमर उजाला

कोर्ट में मामले की पैरवी में काफी खर्च आने की वजह से रवि का परिवार 13 लाख रुपये के कर्ज में डूबा है। रवि की रिहाई के लिए परिजन सब कुछ दांव पर लगाने को तैयार थे। 

घर बेचने तक की नौबत आ गई थी, लेकिन सौदा नहीं पटा। रवि की बहन अंजू का आरोप है कि जेल में जब भी मिलाई करने जाते थे 2-3 हजार रुपये खर्च होते थे।

आरोप है कि बिना पैसे दिए अधिकारी मिलने नहीं देते थे। मिनट के हिसाब से उनसे पैसे लिए जाते हैं। 

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