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एजेंसी मालिक की मौत के बाद थाने पर पथराव
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 27 May 2014 10:34 AM IST
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ट्रेवल एजेंसी मालिक की पुलिस हिरासत में मौत को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। बताया गया कि पुलिस वाले पूछताछ के लिए उसे थाने न ले जाकर बैरक में ले गए थे।
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जहां उसके साथ इतनी सख्ती बरती गई कि मौत हो गई। मनोज को हिरासत में लिए जाने की जानकारी थाने में किसी को नहीं थी।
यही कारण रहा कि जब मनोज के बारे में जानकारी लेने परिजन थाने पहुंचे तो वहां किसी से कुछ पता नहीं चला। मनोज की मौत से गुस्साए लोगों ने देर शाम थाने का घेराव कर जमकर हंगामा काटा और पथराव कर दिया।
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मनोज के परिजनों के मुताबिक सोमवार सुबह दस बजे छह पुलिसकर्मी उनके घर आए। पुलिस कर्मियों ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व एक शादी समारोह में गोली चलाने के मामले में पूछताछ करनी है।
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इसके लिए उन्हें थाने चलना होगा। मनोज पुलिसकर्मियों के साथ चले गए, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आए। उसके बाद परिवार वालों ने उनकी तलाश शुरू की और थाने में मनोज के बारे में जानकारी लेने के लिए पहुंचे।
लेकिन कोई जानकारी हासिल नहीं हो पाई। करीब 12 बजे परिवार वालों ने थाने में मनोज की गुमशुदगी का मामला दर्ज करवा दिया।
एक बजे के लगभग एसीपी कार्यालय से मनोज के परिजनों के पास फोन आया और कहा गया कि वह दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल आकर मनोज के शव की शिनाख्त कर लें।
परिजनों की शिकायत पर बिंदापुर थाने की पुलिस ने आरोपी हवलदार भूप सिंह, सिपाही राजेश सोलंकी, सुधीर, उत्तम, अरविंद और सिपाही राजेश के खिलाफ अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
थाने की बजाए बैरक में ले गए थे पूछताछ के लिए
जांच में पता चला कि मनोज को पुलिसकर्मी थाने ले जाने के बजाए थाने से एक डेढ़ किलोमीटर दूर बैरक में ले गए थे।
पूछताछ के दौरान जब उसकी तबियत बिगड़ी तो पुलिसकर्मी उसे लेकर डीडीयू अस्पताल लेकर भागे। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस वालों ने अपने सीनियर अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
डेढ़ साल पूर्व हुई थी शादी
परिवार वालों ने बताया कि मनोज की डेढ़ साल पहले शादी हुई थी और छह माह की बेटी है। साथ ही परिवार में दो बड़े भाई, मां और तीन बहनें हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद से परिवार वालों के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मनोज के घर के आसपास रहने वाले लोग भी गमजदा हैं।
विरोध में लोगों ने थाने पर किया पथराव
मनोज की पुलिस हिरासत में मौत के बाद लोगों का गुस्सा भड़क गया। देर शाम सैकड़ों की संख्या में थाने पहुंचे लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिसवालों ने थाने का गेट बंद कर दिया।
हंगामे की सूचना पर पुलिस के आला अधिकारी भी थाने पहुंच गए। उन्हें देखकर लोगों का गुस्सा और भड़क गया। लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव की वजह से पुलिस की जिप्सी के अलावा छह निजी वाहनों को नुकसान पहुंचा है।