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फैमिली को बंधक बनाकर ट्रांसपोर्टर के घर डाका
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 19 Dec 2014 05:04 PM IST
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पॉश कालोनी गोविंदपुरम में बृहस्पतिवार तड़के साढ़े तीन बजे नकाबपोश बदमाशों ने ट्रांसपोर्टर और प्रापर्टी डीलर सुरेंद्र राज मित्रा के घर डाका डाला।
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पड़ोसी रिटायर्ड टीचर के घर की दीवार फांदकर घर में घुसे बदमाशों ने ट्रांसपोर्टर की मां पुष्पा देवी (80) को गन प्वाइंट पर लेकर पूरे परिवार को बंधक बना लिया। विरोध करने पर मारपीट भी की।
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लुटेरे करीब 30 लाख कीमत के 60 तोले सोने और तीन किलो चांदी के जेवर, साढे़ सात लाख रुपये, लाइसेंसी जर्मन पिस्टल लूट ले गए। लुटेरे घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी ले गए, ताकि फुटेज के जरिये पुलिस उन तक न पहुंच सके।
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पीड़ितों ने बताया कि छह बदमाश घर में घुसे थे, जबकि कई बाहर खड़े थे। बदमाश डेढ़ घंटे तक घर में रहे। वे किस वाहन से आए थे, यह पता नहीं चल सका है। फोरेंसिक एक्सपर्ट ने फिंगर और फुट प्रिंट ले लिए हैं। रिपोर्ट दर्ज कर कविनगर पुलिस लुटेरों की तलाश में जुटी है।
सुरेंद्र राज गोविंदपुरम ए-224 में परिवार के साथ रहते हैं। उनका लोहा मंडी में आदर्श नाम से ट्रांसपोर्ट है। घर में मां पुष्पा देवी, पत्नी गीता, बेटा रोहन, बेटी भव्या के अलावा छोटे भाई हरीश की पत्नी अनुजा और भतीजा धुव्र रहता है।
धुव्र डीयू से बीकॉम कर रहा है। गीता और अनुजा बेसमेंट में लेडीज जिम चलाती हैं। सुरेंद्र ने बताया कि 6 नकाबपोश हथियारबंद बदमाश बाहर के कमरे की ग्रिल उखाड़कर घर में घुसे। मां पुष्पा देवी के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया।
उन्हें गन प्वाइंट पर लेकर बदमाश दूसरे कमरे में घुसे और वहां अनुजा, बेटे रोहन और भतीजी भव्या को गन प्वाइंट पर लिया। उनके मोबाइल कब्जे में ले लिए और बैट्री निकाल कर अलग रख दी।
दो मोेबाइलों की बैट्री नहीं निकली तो सामने पार्क में फेंक दिया। रोहन ने विरोध किया तो उसके सिर, पैर और चेहरे पर तमंचे की बट मारी। दो बदमाश उन्हें गन प्वाइंट पर लिए रहे, जबकि तीन मां को लेकर पहली मंजिल पर बेटे और पत्नी संग मौजूद सुरेंद्र के कमरे में घुसे।
उनके मोबाइल कब्जे में लिए। तिजोरी में रखा कैश, ज्वेलरी, .38 बोर की पिस्टल लूट ली। करीब पांच बजे बदमाश साथ लाए हैंडबैग और घर के पिट्ठू बैग में सामान ले गए।
किसी तरह पीड़ित ने पड़ोसियों की मदद से सूचना पुलिस को दी। करीब 15 मिनट बाद कविनगर एसएचओ पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की।
डकैती में ‘करीबी’ का हाथ
जिस तरह वारदात हुई उससे पुलिस का मानना है कि लुटेरे किसी करीबी का हाथ है, जिसे घर की जानकारी थी। रेकी की गई थी। छानबीन में पता चला है कि लुटेरों को घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का पता था।
ट्रांसपोर्टर बुधवार को साढ़े पांच लाख रुपये लाए थे। चार दिसंबर को ट्रांसपोर्टर के घर कुछ पॉलिटिकल लीडर आए थे, लुटेरों को ये भी पता था।
बदमाशों ने उन्हें धमकी भी दी कि उनकी नेतागिरी भी देख लेंगे। हालांकि ट्रांसपोर्टर का कहना है कि पॉलिटिकल लीडर घर नहीं, उनके घर के सामने एक कार्यक्रम में आए थे। बदमाश देहाती भाषा बोल रहे थे।
रोहन ने बताया कि बदमाश गैंग लीडर को ‘गुरुजी’ कह रहे थे। आपस में एक-दूसरे का नाम आमिर, वसीम और बबलू ले रहे थे। ‘गुरुजी’ ने ही रोहन के सिर पर तमंचे की बट मारी थी।
बॉडी लैंग्वेज से उनकी उम्र 21-30 साल लग रही थी। कुछ संदिग्ध लोगों के नाम परिजनों ने पुलिस को दिए हैं, जिनकी वारदात में भूमिका हो सकती है। पुलिस इन लोगों के नामों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
आंख खुली तो माथे पर तना था तमंचा
धुव्र और रोहन ने बताया कि जब आंख खुली तो माथे पर तमंचा तना था। बदमाशों ने रोहन के मुंह में तमंचे की नाल डाल दी।
पुष्पा देवी ने बताया कि बदमाशों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। मुंह पर घूंसे मारे और सिर पर बट मारी। मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। धुव्र के चेहरे पर चोट है। रोहन के पैर जख्मी हैं।
कहां थीं 85 पीसीआर
हाल ही हाईटेक कंट्रोल रूम शुरू हुआ है। 85 पीसीआर और 110 लैपर्ड सड़कों पर उतारी गई हैं। पॉश कालोनी में डकैती हुई है, ऐसे में लोग सवाल कर रहे हैं कि कहां गईं ये पीसीआर और लैपर्ड। कहां कर रही थी गश्त।
पॉश कालोनी लुटेरों के निशाने पर हैं। कभी राजनगर तो कविनगर, कभी नेहरू नगर तो कभी अशोक नगर। ट्रांसपोर्टर ने बताया कि उनके घर के आगे जनरेटर भी चोरी हो चुका है।
खून-खराबे का था डर
परिवार की मानें तो उन्हें डर सता रहा था कि सुबह कहीं जिम के लिए लेडीज और ट्रेनर न आ जाएं। वे शोर मचाएं और बदमाश उन पर गोलियां बरसा दें। दरअसल, अल-सुबह 5 बजे से जिम के लिए महिलाएं आना शुरू कर देती हैं।
एक बदमाश ने मांगी माफी
परिवारवालों ने बताया कि एक बदमाश उनसे माफी भी मांग रहा था। वारदात के दौरान उसने कई बार कहा कि उसे माफ कर देना। एसपी सिटी और सीओ को कुछ संदिग्ध लोगों के नाम बताएं हैं।