पति-पत्नी चला रहे थे धंधा, साली भी अरेस्ट
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राजधानी दिल्ली के शकूरपुर इलाके में फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए मानव तस्करी का धंधा चलाने वाली एक महिला को गिरफ्तार किया है। उत्तर पश्चिम दिल्ली में मौजूद यह जगह मानव तस्करी के हब के रूप में विकसित हो रही थी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार महिला गायत्री (30), मानव तस्करी के बड़े माफिया पन्नालाल की साली है। वह अपनी प्लेसमेंट एजेंसी गायत्री इंटरप्राइजेज के जरिए झारखंड से दिल्ली में घरेलू कामकाज के लिए बच्चों की सप्लाई करती थी।
बता दें कि पन्नालाल दिल्ली में कई छोटी यूनिट के जरिए तस्करी का धंधा बढ़ाने की फिराक में था और इसके लिए लगातार प्रयास कर रहा था।
पूर्व मंत्री के रुतबे से होती थी तस्करी
टीओआई के अनुसार, दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर (क्राइम) रवींद्र यादव ने गायत्री की गिरफ्तारी पुष्टि की गई है। पुलिस के अनुसार, माओवादियों से संबंध रखने के आरोपी झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंदर साओ को भी पन्नालाल के घर से कुछ दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया था।
पन्नालाल, मानव तस्करी का बड़ा रैकेट मंत्री और तस्करी के दूसरे आरोपी बाबा बामदेव के सहयोग से चला रहा था। उसे खासकर लड़कियों और छोटे बच्चों की तस्करी के लिए कहा गया था।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच, एनजीओ शक्ति वाहिनी और झारखंड पुलिस के कई ऑपरेशन में इस बात का खुलासा हुआ था। अब पुलिस जांच को आगे बढ़ाते हुए यह भी पता लगा रही है कि कहीं इस तस्करी का माओवादियों से तो कोई संबंध नहीं है। साथ ही इसके जरिए आने वाले पैसे का उपयोग कहां-कहां होता था।
ऐसे हुआ था रैकेट का खुलासा
एनजीओ के ऋषिकांत ने बताया कि उन्हें गुप्त सूत्रों से पता चला था कि पन्नालाल और उसकी पत्नी सुनीता ने एक लड़की को कैद कर रखा है। सूचना मिलने के तुरंत बाद उन्होंने ऑपरेशन शुरू कर दिया और पुलिस के सहयोग से उसे मुक्त करा लिया गया।
झारखंड एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की इंचार्ज अनुराधा सिंह ने बताया कि पन्नालाल दिल्ली में तस्करों और प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए एक बड़ा मॉड्यूल चलाता है और वह कई केसों में वांछित भी है।
पुलिस के अनुसार, हर लड़की को गायत्री करीब 12 हजार रुपए देती थी और उसे रोजगार दिलाने के नाम पर 22 हजार रुपए मिलते थे। इस तरह उसे हर महीने एक लड़की से 10 हजार रुपए का फायदा होता था। पन्नालाल और सुनीता ने पुलिस को इसकी एक स्लिप भी सौंपी है।