फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   trafficker_arrested_lens_on_maoist_link.

पति-पत्नी चला रहे थे धंधा, साली भी अरेस्ट

Tue, 14 Oct 2014 01:15 PM IST
Updated Tue, 14 Oct 2014 01:15 PM IST
विज्ञापन
trafficker_arrested_lens_on_maoist_link.

राजधानी दिल्ली के शकूरपुर इलाके में फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए मानव तस्करी का धंधा चलाने वाली एक महिला को गिरफ्तार किया है। उत्तर पश्चिम दिल्ली में मौजूद यह जगह मानव तस्करी के हब के रूप में विकसित हो रही थी।

विज्ञापन


पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार महिला गायत्री (30), मानव तस्करी के बड़े माफिया पन्नालाल की साली है। वह अपनी प्लेसमेंट एजेंसी गायत्री इंटरप्राइजेज के जरिए झारखंड से दिल्ली में घरेलू कामकाज के लिए बच्चों की सप्लाई करती थी।
विज्ञापन


बता दें कि पन्नालाल दिल्ली में कई छोटी यूनिट के जरिए तस्करी का धंधा बढ़ाने की फिराक में था और इसके लिए लगातार प्रयास कर रहा था।

पूर्व मंत्री के रुतबे से होती थी तस्करी

trafficker_arrested_lens_on_maoist_link.

टीओआई के अनुसार, दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर (क्राइम) रवींद्र यादव ने गायत्री की गिरफ्तारी पुष्टि की गई है। पुलिस के अनुसार, माओवादियों से संबंध रखने के आरोपी झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंदर साओ को भी पन्नालाल के घर से कुछ दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया था।

पन्नालाल, मानव तस्करी का बड़ा रैकेट मंत्री और तस्करी के दूसरे आरोपी बाबा बामदेव के सहयोग से चला रहा था। उसे खासकर लड़कियों और छोटे बच्चों की तस्करी के लिए कहा गया था।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच, एनजीओ शक्ति वाहिनी और झारखंड पुलिस के कई ऑपरेशन में इस बात का खुलासा हुआ था। अब पुलिस जांच को आगे बढ़ाते हुए यह भी पता लगा रही है कि कहीं इस तस्करी का माओवादियों से तो कोई संबंध नहीं है। साथ ही इसके जरिए आने वाले पैसे का उपयोग कहां-कहां होता था।

ऐसे हुआ था रैकेट का खुलासा

trafficker_arrested_lens_on_maoist_link.

एनजीओ के ऋषिकांत ने बताया कि उन्हें गुप्त सूत्रों से पता चला था कि पन्नालाल और उसकी पत्नी सुनीता ने एक लड़की को कैद कर रखा है। सूचना मिलने के तुरंत बाद उन्होंने ऑपरेशन शुरू कर दिया और पुलिस के सहयोग से उसे मुक्त करा लिया गया।

झारखंड एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की इंचार्ज अनुराधा सिंह ने बत‌ाया कि पन्नालाल दिल्ली में तस्करों और प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए एक बड़ा मॉड्यूल चलाता है और वह कई केसों में वांछित भी है।

पुलिस के अनुसार, हर लड़की को गायत्री करीब 12 हजार रुपए देती थी और उसे रोजगार दिलाने के नाम पर 22 हजार रुपए मिलते थे। इस तरह उसे हर महीने एक लड़की से 10 हजार रुपए का फायदा होता था। पन्नालाल और सुनीता ने पुलिस को इसकी एक स्लिप भी सौंपी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed