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पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पूजा तिवारी मामले में नया पेंच, खुद गिरी या धक्का दिया गया?
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 17 May 2016 02:17 AM IST
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pooja tiwari suicide
- फोटो : अमर उजाला
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पत्रकार पूजा तिवारी की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए सोमवार को मधुबन से आई एफएसएल टीम ने एसआईटी के साथ सद्भावना अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 509 और घटनास्थल का निरीक्षण किया। करीब दो घंटे तक रुकी टीम ने फ्लैट का बारीकी से निरीक्षण किया।
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स्थानीय एफएसएल की ओर से पहले की गई जांच में बटोरे गए सामान का भी टीम ने निरीक्षण किया। अधिकारियों के मुताबिक सर्वे के बाद टीम ने वैज्ञानिक उपकरणों का प्रयोग कर घटना की हकीकत पता करने का निर्णय लिया।
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मालूम हो कि पूजा बॉलकनी से करीब साढ़े चार फीट दूर समानांतर स्थिति में जमीन पर गिरी थी। यदि वह ग्रील से लटकी थी तो जमीन पर बालकनी की सीधे में ही गिरती और शरीर भी दीवार के समानांतर न होकर समकोण पर होता।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक पूजा के सिर और सीने में चोट लगी थी, जबकि यदि कोई छलांग लगाता है तो सबसे पहले उसके पैर जमीन से टकराते हैं, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, पूजा के पैरों में चोट नहीं आई थी।
एफएसएल टीम ने दो घंटे तक किया मुआयना
पूजा तिवारी
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
पूजा खुद गिरी या उसे धक्का दिया गया इस प्रश्न का उत्तर पुलिस खोज रही है। सोमवार को मधुबन एफएसएल डायरेक्टर जगदीश राम और असिस्टेंट डायरेक्टर ने एसआईटी प्रभारी एसीपी आस्था मोदी, डीसीपी एनआईटी पूरनचंद पंवार, एसीपी गजेंद्र सिंह, एसएचओ सूरजकुंड राजेंद्र सिंह और सेक्टर 46 चौकी इंचार्ज ओम प्रकाश के साथ करीब दो घंटे तक मौका मुआयना किया। डीसीपी पूरनचंद पंवार ने बताया कि एफएसएल टीम वैज्ञानिक ढंग से तथ्यों का संकलन कर रही है। टीम जांच के लिए दोबारा भी आ सकती है।
ये है पूरा मामला
पत्रकार पूजा तिवारी की 2 मई की रात सद्भावना अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 509 की बालकॅनी से संदिग्ध हालात में गिरने से मौत हो गई थी। घटना के समय फ्लैट में पूजा की दोस्त आमरीन और इंस्पेक्टर अमित मौजूद थे।
घटना से कुछ दिन पहले ही अमित ने पूजा को असुरक्षा का डर दिखा कर इस फ्लैट में शिफ्ट कराया था। इंस्पेक्टर अमित की भूमिका संदिग्ध होने की वजह से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर हिरासत में लिया था।
अमित ने बताया था कि घटना की रात पूजा से उसका झगड़ा हुआ था। रात करीब एक बजे पूजा ने बालकॅनी से छलांग लगा दी थी। उसने पूजा का हाथ भी पकड़ा लेकिन छूट गया और नीचे गिरने से उसकी मौत हो गई।
ये है पूरा मामला
पत्रकार पूजा तिवारी की 2 मई की रात सद्भावना अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 509 की बालकॅनी से संदिग्ध हालात में गिरने से मौत हो गई थी। घटना के समय फ्लैट में पूजा की दोस्त आमरीन और इंस्पेक्टर अमित मौजूद थे।
घटना से कुछ दिन पहले ही अमित ने पूजा को असुरक्षा का डर दिखा कर इस फ्लैट में शिफ्ट कराया था। इंस्पेक्टर अमित की भूमिका संदिग्ध होने की वजह से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर हिरासत में लिया था।
अमित ने बताया था कि घटना की रात पूजा से उसका झगड़ा हुआ था। रात करीब एक बजे पूजा ने बालकॅनी से छलांग लगा दी थी। उसने पूजा का हाथ भी पकड़ा लेकिन छूट गया और नीचे गिरने से उसकी मौत हो गई।