नाइजीरियन ने युवती बनकर इंजीनियर को फंसाया दोस्ती के जाल में, फिर यूं 55 लाख लेकर हुए चंपत
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मयूर विहार थाना पुलिस ने ब्लैक डॉलर के नाम पर एक इंजीनियर से लाखों रुपये ठगी करने वाले तीन नाइजीरियन को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों ने अमेरिकी सेना में महिला कमांडर होने की बात कहकर इंजीनियर से ऑनलाइन दोस्ती की और फिर गिफ्ट भेजने के बहाने उससे ऑनलाइन ठगी की।
बाद में गिफ्ट में भेजे गए ब्लैक डॉलर के बहाने इंजीनियर को जोधपुर से दिल्ली बुलाकर उससे ठगी को अंजाम दिया। शिकायत पर पुलिस ने तकनीकी जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जिला पुलिस उपायुक्त ओमवीर सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान जस्टीन लेमची (37), चीका इजीमोनू (35) और ओए डिकाची (38) के रूप में हुई है।
इनके पास से पुलिस ने 35 मोबाइल फोन, 25 सिमकार्ड, पांच डोंगल, एक लैपटॉप, म्यूजिक सिस्टम, 2 एलईडी, 9 जूते, दो चाकू, ब्रांडेड कपड़े और 1.90 लाख रुपये बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक जोधपुर के रहने वाले पेशे से इंजीनियर सुखाराम ने 24 मार्च को मयूर विहार थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई। जिसमें उसने बताया कि दो नाइजीरियन ने ब्लैक डॉलर तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले पाउडर के लिए उससे दो लाख रुपये की ठगी की है।
उसके बाद उन्होंने बताया कि आरोपियों ने डेढ़ माह पहले यूएस आर्मी में महिला कमांडर होने की बात कहकर उनसे ऑनलाइन दोस्ती की और फिर गिफ्ट भेजने के बहाने उससे 55.34 लाख ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया है।
शिकायत मिलने के बाद थाना प्रभारी ने तकनीकी जांच कर आरोपियों की पहचान की और फिर छत्तरपुर में छापा मारकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
हनी ट्रैप में फंसाने के बाद ब्लैक डॉलर के बहाने करते हैं ठगी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गैंग के सदस्य पहले लोगों को हनी ट्रैप में फंसाते हैं।
खुद को विदेशी महिला बताकर उनसे मेल भेजकर ऑनलाइन दोस्ती करते हैं फिर गिफ्ट भेजने के बहाने उनसे ऑनलाइन लाखों की ठगी करते हैं। फिर गिफ्ट में ब्लैक डॉलर होने की बात कहकर पीड़ित से ठगी करते हैं।
42 फर्जी बैंक खातों का हुआ है खुलासा
जांच में पता चला है कि आरोपियों ने भारतीयों के नाम से 42 फर्जी बैंक अकाउंट खोल रखे थे। जिसमें पीड़ितों से ऑनलाइन ठगी के रकम को ट्रांसफर करते थे।
पुलिस ने अब तक 14 अकाउंट की जांच की है। जिसमें सिर्फ जनवरी माह में ही करीब डेढ़ करोड़ का ट्रांजैक्शन हुआ है। इन अकाउंट से रुपये को नाइजीरिया भेजा गया है।
मेडिकल व पर्यटन के वीजा पर भारत आते हैं आरोपी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए सभी आरोपी मेडिकल और पर्यटन वीजा पर भारत आए हैं। उनके पासपोर्ट सही नहीं पाए गए।
वीजा अवधि पूरा होने के बावजूद वह भारत में अवैध रूप से रहकर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे थे। जस्टीन लेमची वर्ष 2011 में भारत आया था। वहीं चीका इजीमोनू और ओए डिकाची वर्ष 2012 में भारत आया था।