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50 करोड़ की फिरौती मांगने वाले तीन दबोचे गए, उनमें से एक पर था एक लाख का ईनाम

Fri, 11 May 2018 10:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 11 May 2018 10:50 AM IST
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Three kidnappers arrested after police encounter, one lakh rewarded criminal is also included .
पुलिस की गिरफ्त में इनामी बदमाश बीच में मनजीत - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पूर्व निगम पार्षद शंभू दयाल शर्मा के बेटे को अगवा कर 50 करोड़ की फिरौती मांगने वाले मुख्य आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। बदमाश की गिरफ्तारी पर एक लाख का इनाम घोषित था। पकड़े गए बदमाश की पहचान मंजीत डबास (32) के रूप में हुई है।

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पुलिस ने उसके दो अन्य सहयोगियों अरशु (30) और भगत (30) को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। आरोपियों के पास से एक पिस्टल, एक कट्टा और कारतूस बरामद हुआ है। 

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार अक्तूबर 2016 में बदमाशों ने पूर्व निगम पार्षद के बेटे को सुभाष प्लेस इलाके से ट्रैफिक पुलिसकर्मी बनकर अगवा कर लिया था। बदमाशों ने उसे छोड़ने के लिए 50 करोड़ रुपये की फिरौती की मांगी थी। बताया जाता ै कि बदमाशों ने एक करोड़ रकम लेने के बाद पूर्व पार्षद के बेटे को गुरुग्राम में छोड़ दिया था।
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बुधवार रात स्पेशल सेल ने द्वारका इलाके में घेराबंदी की

Three kidnappers arrested after police encounter, one lakh rewarded criminal is also included .
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बाद में मंजीत ने पूर्व पार्षद से और एक करोड़ रुपये की मांग की। पैसे नहीं देने की सूरत में पूर्व पार्षद को जान से मारने की धमकी दी गई। क्राइम ब्रांच ने पूर्व पार्षद की शिकायत पर जबरन उगाही का मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस मुख्य आरोपी मंजीत डबास सहित आधा दर्जन बदमाशों की तलाश कर रही थी।  

पुलिस ने मंजीत की गिरफ्तारी के लिए एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। बदमाश करीब डेढ़ साल से फरार था। पुलिस लगातार मंजीत डबास की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। इसी बीच स्पेशल सेल की टीम को सूचना मिली कि मंजीत गैंग का बदमाश अरशु शौकीन झज्जर में अपने किसी रिश्तेदार से मिलने आने वाला है।

पुलिस ने 9 मई की दोपहर दबिश देकर अरशु को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ में पता चला कि मंजीत डबास द्वारका इलाके में आने वाला है। बुधवार रात स्पेशल सेल ने द्वारका इलाके में घेराबंदी की। इसी बीच मंजीत डबास और भगत आया। पुलिस टीम को देखते ही दोनों ने गोली चला दी। दो सिपाहियों के बुलेट प्रूफ जैकेट पर गोली लगी। इसके बाद पुलिस की टीम ने अपने बचाव में गोली चलाकर मंजीत और भगत को गिरफ्तार कर लिया।  

 

महेश ठेकेदार के साथ मिलकर दिया वारदात को अंजाम 

Three kidnappers arrested after police encounter, one lakh rewarded criminal is also included .
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जांच के बाद पुलिस ने बताया कि मंजीत डबास ने दिल्ली से स्नातक करने के बाद ग्वालियर से बीएड की पढ़ाई की है। उसके बाद उसने सिविल डिफेंस में भर्ती हो गया। वर्ष 2011 में पहली बार वह कंझावला इलाके में गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में गिरफ्तार हुआ। जेल से बाहर निकालने के बाद प्रह्लादपुर निवासी महेश ठेकेदार के साथ टोल प्लाजा पर काम करने लगा। यहीं उसने महेश ठेकेदार के साथ मिलकर पूर्व निगम पार्षद के बेटे को अगवा करने की साजिश रची थी।

उनलोगों ने बीएमडब्ल्यू कार से बाहर निकाले पार्षद के बेटे को अगवा कर लिया। पीड़ित को उन लोगों ने सिरसा, नवलगढ़, हांसी और हिसार में रखा। फिरौती की रकम मिलने के बाद उन लोगों ने उसे गुरुग्राम में छोड़ दिया। वहीं अरशु शौकीन वर्ष 2014 में एक निजी इंश्योरेंस कंपनी के लिए काम किया।

नौकरी छूटने के बाद वह महेश ठेकेदार के साथ काम करने लगा। भगत काफी दिनों तक इलेक्ट्रिशियन की नौकरी करने के बाद कुछ साल तक ड्राइविंग की और फिर महेश ठेकेदार के साथ काम शुरू किया। महेश अभी तक फरार है। 
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