महिला कर्नल की बेटी के FB पर जब आने लगे अश्लील मैसेज तो सामने आए पाकिस्तानी एजेंट के खतरनाक इरादे
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पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट की गिरफ्तारी मामले में आरोपी मो. परवेज ने बड़ा खुलासा किया है। मोबाइल नंबर भारत में और उस पर व्हाट्सऐप व फेसबुक पाकिस्तान में चलते थे।
आईएसआई अधिकारी ही इसे चलाते थे। मो. परवेज दिल्ली समेत कई राज्यों के मोबाइल नंबर आईएसआई को दे चुका है। मो. परवेज की बहनें पाकिस्तान में रहती हैं। बहनों से मिलने जब वह पाकिस्तान गया तो वह आईएसआई के संपर्क में आया था। परवेज करीब 18 से 20 बार पाकिस्तान जा चुका है।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ष्ठ अधिकारी ने बताया कि परवेज अपनी व अन्य आईडी से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल नंबर लेता था। मोबाइल नंबर को एक्टिवेट करते समय जो गुप्त नंबर आता था उसे यह पाकिस्तान आईएसआई एजेंटों को भेज देता था।
पाकिस्तान में आईएसआई अधिकारी इस मोबाइल नंबर पर व्हाटसऐप व फेसबुक अकाउंट बना लेते थे। इसके बाद ये सेना से जुड़े लोगों को धमकी भरे मैसेज भेजते थे। धमकी भेजकर सेना व अन्य संवेदनशाील सूचनाएं लेने का प्रयास करते थे।
कुछ को ये पैसे का प्रलोभन भी देता था। सेना व अन्य लोगों के मोबाइल नंबर मो. परवेज भी आईएसआई अधिकारियों को उपलब्ध कराता था। इसी तरह द्वारका में रहने वाली महिला कर्नल के व्हाट्सऐप पर धमकी भरा मैसेज आया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये ज्यादा सेना के लोगों को ही टारगेट करते थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान से भारतीय सेना व अन्य लोगों से जुड़े करीब 15 से 20 लोगों को व्हाट्सऐप पर धमकी भरे मैसेज आ चुके हैं।
मो. परवेज को इस काम के बदले मोटी रकम मिलती थी। कुछ रकम उसे हवाला और कुछ जब वह पाकिस्तान जाता था तब मिलती थी। दिल्ली पुलिस को अभी यह पता नहीं चला है कि आईएसआई अधिकारी अभी तक कितनी गुप्ता सूचनाएं भारत से ले चुके हैं।
सेल के एक अधिकारी ने बताया कि ये पाकिस्तान से सेना से जुड़े कुछ लोगों को व्हाट्सऐप कॉल भी आए हैं। कॉल में भी सेना से जुड़े लोगों को धमकी दी जाती थी। स्पेशल सेल ने आरोपी को पुलिस रिमांड पर ले रखा है।
ऐसे हत्थे चढ़ा पाक एजेंट
दिल्ली के द्वारका में रहने वाली कर्नल ने उन दोनों नंबरों को ब्लॉक कर दिया था जिन पर उन्हें धमकी भरे मैसेज भेजे जा रहे थे। लेकिन इसके बाद कर्नल की बेटी के पास एक महिला की फेसबुक प्रोफाइल से आपत्तिजनक तस्वीरें और संदेश आने शुरू हो गए।
तस्वीर और संदेश भेजने वाले व्यक्ति ने महिला कर्नल की बेटी पर बात करने के लिए दबाव बनाया और सोशल मीडिया पर तस्वीरें अपलोड करने की धमकी दी। इसके बाद सैन्य अधिकारी ने पुलिस से संपर्क कर मामला दर्ज कराया। फेसबुक प्रोफाइल के जरिए मिली सूचना और दोनों नंबरों के रिकॉर्ड के आधार पर परवेज को हिरासत में लिया गया।
डेढ़ साल से कर रहा था आईएसआई के लिए काम
मामले की गंभीरता को देखते हुए केस स्पेशल सेल को ट्रांसफर कर दिया गया है। अभी जांच शुरुआती स्टेज में है और आईएसआई से लिंक की पड़ताल की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस सूत्रों का कहना है कि परवेज करीब डेढ़ वर्ष से आईएसआई के लिए काम कर रहा था। वह भारतीय मोबाइल नंबरों के कोड आईएसआई अधिकारियों को उपलब्ध कराता था। इस नंबर के आधार पर आईएसआई एजेंट ब्लैकमेल कर या फिर पैसे का लालच देकर सेना से जुड़ी सूचनाएं लेने का प्रयास करते थे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि एजेंट के जरिये आईएसआई कितनी गुप्त सूचनाएं भारत से ले चुका है।
ये है पूरा मामला
दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के भारत निवासी एजेंट को गिरफ्तार किया है। यह पाकिस्तान यात्रा के दौरान आईएसआई के संपर्क में आया था और भारत से खासकर सेना से जुड़ी गुप्त सूचनाएं दिलवाने में सहायता करने में लगा था।
इसके एवज में इसे मोटी रकम मिलती थी। आरोपी भारतीय सिम कार्ड का कोड नंबर आईएसआई अधिकारियों को देता था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि एजेंट के जरिये आईएसआई कितनी गुप्त सूचनाएं भारत से ले चुका है।
दिल्ली पुलिस के मुख्य प्रवक्ता दीपेंद्र पाठक ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गृहमंत्रालय के जरिये पाकिस्तान दूतावास से संपर्क किया है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आर्मी में उच्च पद पर कार्यरत द्वारका के एक अपार्टमेंट में रहने वाली महिला ने कुछ दिन पहले द्वारका (साउथ) थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में कहा था कि उसके व्हाट्सऐप पर धमकी भरे मैसेज आ रहे हैं। उसे धमकी दी जा रही है कि अगर उसने गुप्त सूचनाएं नहीं दी तो उसकी अश्लील पिक्चर इंटरनेट पर डाल दी जाएगी।
डेढ़ वर्ष से आईएसआई के लिए काम कर रहा था
दीपेंद्र पाठक ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए केस को स्पेशल सेल को ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अभी जांच शुरुआती स्टेज में है और आईएसआई से लिंक स्थापित किए जा रहे हैं।
दूसरी तरफ वरिष्ठ पुलिस सूत्रों का कहना है कि परवेज पिछले करीब डेढ़ वर्ष से आईएसआई के लिए काम कर रहा था। ये भारत मोबाइल नंबर के कोड आईएसआई अधिकारियों को उपलब्ध कराता था।
इस नंबर के आधार पर आईएसआई एजेंट ब्लैकमेल कर या फिर पैसे का लालच देकर सेना से जुड़ी सूचनाएं लेने का प्रयास करते थे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि अभी तक आईएसआई भारत से कितनी बड़ी व संवेदनशील सूचनाएं भारत से ले चुका है।