भारी पड़ गया फेसबुक मित्र बनाना, लंदन की महिला ने लगा दिया लाखों का चूना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरीदाबाद के धीरज नगर, सेक्टर-31 निवासी एक व्यक्ति को फेसबुक पर दोस्त बनी लंदन की महिला ने 7 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर दी। युवक की महिला मित्र व मुंबई एयरपोर्ट के कथित अधिकारियों ने मनी लॉन्डरिंग सर्टिफिकेट और एक लाख पाउंड के ड्राफ्ट को बैंक में कैश करवाने के झांसा देकर धोखाधड़ी की गई।करीब 10 माह पहले हुई धोखाधड़ी पर जांच के बाद सेक्टर-31 थाना पुलिस ने अब मामला दर्ज किया है।
धीरज नगर, टीटू कॉलोनी निवासी प्रमोद कुमार ने एसीपी क्राइम को दी शिकायत में बताया कि पिछले साल 23 जुलाई को उसकी फेसबुक आईडी पर लोवेथ नामक महिला ने दोस्ती के लिए रिक्वेस्ट भेजी। प्रमोद ने उसे स्वीकार कर लिया।
इस दौरान उसकी महिला के साथ चैटिंग होने लगी। प्रमोद ने बताया कि महिला ने उसे बताया कि वह 31 जुलाई 2017 को भारत घूमने आ रही है। प्रमोद के अनुसार 31 जुलाई को उसके पास मुंबई एयरपोर्ट से फोन आया और फोन करने वाली महिला ने खुद को एयरपोर्ट से अधिकारी बताते हुए कहा कि लंदन से लोवेथ मैडम आई हैं और उन्हें मनी लॉन्डरिंग सर्टिफिकेट के लिए 42 हजार रुपये की जरूरत है।
बैंक एकाउंट नंबर में रुपये जमा करवाया
उसके थोड़ी देर बाद फिर से फोन आया कि लोवेथ अपने साथ एक लाख पाउंड का ड्राफ्ट लेकर आई है, जिसे किसी भारतीय बैंक के एकाउंट में जमा करवाना है। प्रमोद उसके लिए भी राजी हो गया। एकाउंट नंबर देने पर उसकी मेल पर एक कोड आया। उसने अपने एकाउंट में वे कोड डाला तो ट्रांजेक्शन शुरू हो गई।
मगर 40 प्रतिशत ट्रांजेक्शन होने पर वह रुक गई और दोबारा कोड मांगने लगी। प्रमोद ने उस महिला को फोन किया तो उसने बताया कि उसको एकाउंट में 2.10 लाख रुपये जमा करवाने होंगे और कोड मिलते ही पैसे उनके एकाउंट में आ जाएंगे।
फोन मिलाया, मगर वह बंद था
प्रमोद ने रुपये जमा करवा दिए, मगर 80 फीसद ट्रांजेक्शन होने पर वह फिर रुक गई। इस बाद 1.55 लाख रुपये जमा करवाने पर ट्रांजेक्शन पूरी हो गई, मगर खाते में पैसे नहीं आए। उनके मेल आईडी पर एक मेल आया कि 2.94 हजार रुपये जमा करवा दें तो आपके एकाउंट में पैसे रिलीज कर दिए जाएंगे।
प्रमोद ने लोवेथ के मोबाइल पर फोन मिलाया, मगर वह बंद था। तब उसे अपने साथ धोखाधड़ी का एहसास हुआ। उसने इसकी शिकायत पुलिस में की। जिसकी जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।