केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के आवास के पास बेरहमी से किया गया छात्र का कत्ल
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केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू के सरकारी आवास के बिल्कुल बगल में सातवीं कक्षा के छात्र की बेरहमी से हत्या कर दी गई। छात्र का आधे से ज्यादा गला कटा हुआ था और शरीर पर चाकू से वार भी किए गए थे।
नई दिल्ली डीसीपी जतिन नरवाल का कहना है कि छात्र के पिता व उनके किरायेदार को हिरासत में ले लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू 5, सुनेहरी बाग रोड पर रहते हैं।
शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे पुलिस को सूचना मिली कि कोठी नंबर 4, सुनेहरी बाग रोड पर एक बच्चे का शव पड़ा हुआ है। इस कोठी में कोई रहता नहीं है। बच्चे का गला आधा कटा हुआ था और सिर व चेहरे पर चाकू मारे गए थे।
बच्चे ने स्कूल यूनिफार्म पहनी हुई थी
बच्चे ने स्कूल यूनिफार्म पहनी हुई थी। शव के पास उसका स्कूल बैग, साइकिल व वारदात में प्रयुक्त खून से सना चाकू पड़ा हुआ था। मृतक छात्र की पहचान गोल मार्केट में रहने वाले मोहित(15) पुत्र शांति प्रसाद के रूप में हुई। शांति प्रसाद स्टील मंत्रालय में चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी है।
मोहित सुनेहरी बाग के पास स्थित एनडीएमसी स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ता था। उसकी परीक्षाएं चल रही थीं। शुक्रवार को भी वह परीक्षा देने गया था। लौटते समय शाम करीब पांच बजे उसे पिता शांति प्रसाद रास्ते में मिला था।
तुगलक रोड थाना पुलिस ने इस मामले में मोहित के पिता शांति प्रसाद व उनकी झुग्गी में किराये पर रहने वाले महावीर को हिरासत में लिया है और पूछताछ कर रही है।
कहीं पिता ने ही तो नहीं कर दी अपने बेटे की हत्या
पुलिस को संदेह है कि शांति प्रसाद ने ही अपने बेटे की हत्या की है। पूछताछ में शांति प्रसाद ने बताया है कि उसने चार नंबर कोठी में शव को पड़ा देखा। इसके बाद वह अपने घर गया और अपनी कमीज बदली, क्योंकि गर्मी लग रही थी।
इसके बाद वह एक जानकार के पास गया और बेटे के शव पड़े होने की बात बताई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपने बेटे के शव को देखकर एक पिता कैसे शर्ट बदलने जा सकता है। शांति प्रसाद की शर्ट पर खून भी लगा हुआ था। शांति प्रसाद का कहना है कि महावीर ने उसे बेटे को मारने के लिए मजबूर किया था।
जांच में ये बात भी सामने आ रही है कि कोठी नंबर-4, सुनेहरी बाग रोड के पीछे शांति प्रसाद की एक झुग्गी है। ये झुग्गी महावीर को किराये पर दे रखी है। शांति झुग्गी खाली कराना चाहता था। महावीर खाली नहीं कर रहा था। माना जा रहा है कि उसने अपने बेटे की हत्या कर दी और बेटे की हत्या का दोष वह महावीर पर मढ़ना चाहता था।