YouTube से सीखा ये तरीका और बनाया लोगों को शिकार
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यू ट्यूब पर आजकल हर चीज उपलब्ध है। कोई चीज फायदा पहुंचाती है तो कोई नुकसान। ऐसी ही एक तरकीब सीख कर ये गैंग लोगों को नुकसान पहुंचाता था। उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने एक ऐसे गैंग को दबोचा है जो यू ट्यूब से वीडियो देखकर चोरी के मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर बदलकर उसे बेच देता था।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान यूसुफ (37), शौकीन उर्फ कांता (40), फैजान (30) और फरमान (28) के रूप में हुई है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से चोरी के 35 स्मार्ट फोन बरामद किए हैं।
फरमान चोरी के मोबाइल के आईएमईआई नंबर बदलता था, जबकि बाकी तीनों आरोपी भीड़ वाली बसों में लोगों की जेब से मोबाइल चोरी करते थे।
नेहरू प्लेस से खरीदा ऐसा हार्डवेयर
आरोपी फरमान ने आईएमईआई नंबर बदलने के लिए हार्डवेयर नेहरू प्लेस से खरीदा था। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त डॉक्टर अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से बसों में जेबतराशी की घटनाओं में इजाफा हो रहा था।
उसी को देखते हुए 9 फरवरी को गोकुलपुरी इलाके में पुलिस ने बस में चेकिंग शुरू की। जांच के दौरान एक युवक बस से उतरकर भागने लगा। पीछे कर आरोपी यूसुफ को दबोचा तो उसके पास से चोरी का एक फोन बरामद हुआ।
पूछताछ के दौरान उसने बताया कि सुबह के समय उसने बस में एक यात्री से मोबाइल चुराया था। यूसुफ की निशानदेही पर बाद में शौकीन व फैजान को दबोच लिया। आरोपियों ने बताया कि वह बसों में मोबाइल चोरी कर नेहरू विहार निवासी फरमान को बेच देते हैं।
आईएमईआई नंबर बदलकर बेचते हैं
बाद में फरमान चोरी के इन मोबाइल फोन का आईएमईआई नंबर बदलकर बेच देता है। पुलिस ने फरमान को भी दबोच लिया। उसने बताया कि मोबाइल के आईएमईआई नंबर बदलने की तरकीब उसने यू-ट्यूब पर वीडियो से सीखा था।
इसके बाद नेहरू प्लेस से हार्डवेयर लाकर कंप्यूटर की मदद से आसानी से मोबाइल का आईएमईआई नंबर बदल दिया जाता था। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
यूसुफ 10 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है, वहीं शौकीन इससे पूर्व 13 मामलों में शामिल है। फरमान व फैजान पहली बार पकड़े गए हैं।