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नकली पुलिसकर्मी बनकर ठगी करने वाले गिरफ्तार, कई नामी लोगों को लगाया चूना

Mon, 30 May 2016 12:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 30 May 2016 12:58 PM IST
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The fake policeman being swindle arrested, several prominent people planted lime
पुलिस - फोटो : Demo Pic
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का बकाया न चुकाने पर गैर जमानती वारंट का डर दिखाकर ठगी करने वाले गैंग के चार बदमाशों को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दबोचा है। आरोपियों ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित कथक डांसर शोवना नारायण के अलावा गोरखपुर रेलवे ट्रेनिंग सेंटर के रिटायर प्रिंसिपल समेत कई नामी लोगों को चूना लगाया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन, 10 सिमकार्ड और अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
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आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी संदीप उर्फ देव (26), खोड़ा कॉलोनी निवासी संजय पांडेय (28), गाजियाबाद निवासी धर्मेंद्र(20) और बिजनौर निवासी सुल्तान उर्फ इमरान (24) के रूप में हुई है। गैंग का सरगना संदीप है। 
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पुलिस के मुताबिक प्रसिद्ध कथक डांसर शोवना नारायण ने अपराध शाखा में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शोवना ने पुलिस को बताया कि 29 अप्रैल को उनके मोबाइल पर एक फर्जी कॉल आया। 
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कॉलर ने खुद को दिल्ली पुलिस का एसआई राजवीर सिंह बताकर शोवना को गैर जमानती वारंट की बात बताई। फर्जी एसआई ने बताया कि उन पर आरबीआई का कुछ बकाया है, जिसके बदले उनके खिलाफ वारंट जारी हुआ है। फर्जी एसआई ने उन्हें सरकारी वकील का नंबर देकर उससे बात करने के लिए कहा। शक होने पर उन्होंने कोर्ट जाकर तहकीकात की तो सच्चाई का पता चला। 

पुलिस ने पहले मयूर विहार निवासी संजय पांडेय को दबोचा। इसके बाद धर्मेंद्र और सुल्तान उर्फ अरमान को पकड़ लिया गया। तीनों से पूछताछ के बाद गैंग के सरगना संदीप कुमार उर्फ देव उर्फ गुलशन को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया।

ऐसे देते थे आरोपी वारदात को अंजाम
गैंग के सरगना संदीप कुमार देव ने बताया कि वह इंटरनेट के जरिए नामी लोगों के पते और उनके फोन नंबर लेता था। जिसके बाद वह खुद को एसआई राजवीर बताकर पीड़ितों को कॉल करता। बाद में आवाज बदलकर खुद सरकारी वकील बनकर बात करता। गिरफ्तारी के डर से परेशान होकर पीड़ित उसके जाल में फंस जाते थे।


गोरखपुर के अधिकारी से 68 हजार ठगे
शोवना को गिरफ्तारी का डर दिखाकर बदमाशों ने इनसे 67,051 रुपये की मांग की थी। इसी तरह गोरखपुर के मालवीय नगर बी-192 निवासी वीपी त्रिपाठी से करीब 68 हजार रुपये ठगे थे। आरोपियों ने खुद को दिल्ली पुलिस का एसआई बताकर इन्हें भी गिरफ्तारी का डर दिखाया था। वीपी त्रिपाठी ने झंझट से बचने के लिए बदमाशों द्वारा बताए गए खाते में रकम डाल दी थी। वीपी त्रिपाठी गोरखपुर रेलवे ट्रेनिंग सेंटर से रिटायर प्रिंसिपल हैं।
 
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