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हाईकोर्ट जाएगा इकलाख के परिवार पर FIR का मामला, मौलाना ने मांगा सीएम का इस्तीफा 

Wed, 27 Jul 2016 01:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Wed, 27 Jul 2016 01:21 AM IST
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The court case will Iklak FIR on the family, Maulana sought resignation of CM
बिसाहड़ा कांड - फोटो : फाइल फोटो

गौतमबुद्ध नगर के दादरी में भीड़ द्वारा की गई इकलाख की हत्या के मामले में उसके बेटे सरताज का कहना है कि गोमांस को लेकर दी गई फॉरेंसिक रिपोर्ट में उन्हें धांधली की आशंका है। 

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वे इसके आधार पर दर्ज एफआईआर के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। मथुरा लैब रिपोर्ट फॉरेंसिक रिपोर्ट में बताया गया था कि इकलाख के घर से 150 मीटर दूर से पुलिस द्वारा कब्जे में लिया गया मांस गोमांस था। 
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मंगलवार को लखनऊ में राष्ट्रीय उलमा काउंसिल के साथ प्रेस से बातचीत में सरताज ने कहा कि फॉरेंसिक जांच के लिए दो किलो मांस भेजा गया था, लेकिन रिपोर्ट में बताया गया है कि मांस की मात्रा पांच किलो थी।
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इंडियन एअरफोर्स में नियुक्त सरताज ने कहा कि इन धांधलियों को आधार बनाते हुए वे इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। वे मांग करेंगे कि परिवार के खिलाफ गोहत्या के मामले में 15 जुलाई को मृत इकलाख व उनके परिवार के छह सदस्यों पर दर्ज की गई एफआईआर रद्द की जाए।

मौलाना मदनी ने मांगा सीएम का इस्तीफा

The court case will Iklak FIR on the family, Maulana sought resignation of CM
बिसाहड़ा कांड - फोटो : अमर उजाला

वे नहीं चाहते कि परिवार में किसी सदस्य को गिरफ्तार किया जाए। उनके परिवार से अपराधियों जैसा सुलूक किया जा रहा है, जबकि वे घटना में पीड़ित हैं। मामले में वे एक दफा सीएम से मिल चुके हैंऔर जल्द फिर से मिलने का प्रयास करेंगे। 

इस मौके पर काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना आमिर राशिद मदनी ने संदेह जाहिर किया कि जो सैंपल जांच के लिए भेजे गए वे इकलाख के घर के 150 मीटर दूर से उठाए गए थे। 

दादरी में सैंपल प्लास्टिक के मर्तबान में रखे गए थे, जो मथुरा लैब पहुंचकर कांच के मर्तबान में बदल गए। यह संदेह पैदा करता है। ऐसे संदिग्ध सैंपल की रिपोर्ट पर मृतक इकलाख और उसके परिवार पर गोहत्या के मामले में एफआईआर दर्ज करना वाजिब नहीं है।

मौलाना ने सीएम का इस्तीफा मांगा
मौलाना मदनी ने कहा कि यह एफआईआर उन लोगों द्वारा दर्ज करवाई गई है जिन पर इकलाख की हत्या का आरोप है। जीबीनगर के एसएसपी और कुछ अन्य पुलिस अधिकारियों ने इकलाख के परिवार के खिलाफ षडयंत्र किया है, जिन पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री को इस मामले में इस्तीफा दे देना चाहिए।

बिसाहड़ा मामला एक नजर में

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बिसाहड़ा - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश में गोमांस खाने पर पाबंदी नहीं है, लेकिन गोहत्या को गैर जमानती संज्ञेय अपराध है, जिसमें सात वर्ष की कैद हो सकती है। दादरी के बिसाहड़ा गांव के कुछ लोगों ने आरोप लगाया था कि पिछले वर्ष 28 सितंबर की रात उन्होंने इकलाख और उसके बेटे को एक बछड़े की पिटाई करते हुए देखा था। बाद में उन्होंने बछड़े का वध कर दिया। 

इस घटना के बाद भीड़ ने 52 साल के इकलाख पर हमला करके उसकी पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। जिसके बाद देश भर में असहिष्णुता को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई थी। 

इस मामले में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं पांच जून को बिसाहड़ा के कुछ ग्रामीणों ने एसएसपी से मिलकर इकलाख के परिवार पर गोवध का मामला दर्ज करने की मांग की थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई।

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