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जासूसी कांडः आरोपी जासूस शोएब हसन के दादा रह चुके हैं मुस्लिम लीग के अध्यक्ष

Tue, 08 Nov 2016 11:10 AM IST
पुरुषोत्तम वर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 08 Nov 2016 11:10 AM IST
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The case of spying for Pakistan High Commission, pizza and burgers were codewords
Pakistan HC staffer arrested by Delhi Police crime branch on spying charges, here are 10 updates - फोटो : ANI

पाकिस्तानी उच्चायोग के लिए जासूसी में पकड़े गए शोएब हसन के दादा भारत विभाजन से पहले मुस्लिम लीग के अध्यक्ष रहे हैं। बताया जा रहा है कि भारत विभाजन के बाद भी वह भारत में मुस्लिम लीग की एक संस्था के अध्यक्ष रहे थे।

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दूसरी तरफ, जासूसी में पकड़े गए समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद मुनव्वर सलीम के निजी सचिव फरहत खान पाक उच्चायोग में कोडवर्ड पिज्जा व बर्गर आदि में बात करता था। 
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दिल्ली पुलिस की राजस्थान गई टीमें आरोपियों के घर व कागजातों को वेरीफाई कर दिल्ली लौंट आई हैं। गिरफ्तार चारों आरोपियों फरहत खान, शोएब हसन, मौलाना रमजान और सुभाष जांगिड़ का पुलिस रिमांड मंगलवार को खत्म हो रहा है।
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पुलिस उन्हें मंगलवार को कोर्ट में पेश करेगी। अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, शोएब के दादा नूर हसन मुस्लिम लीग के अध्यक्ष रहे हैं। मुस्लिम लीग के अध्यक्ष रहने के चलते शोएब के परिवार की नागौर, राजस्थान में बहुत इज्जत थी।

जासूसी के बदले वीजा

The case of spying for Pakistan High Commission, pizza and burgers were codewords

शोएब व उसके पिता लोगों के पासपोर्ट व वीजा बनवाने का काम करते थे। वीजा आदि बनवाने के लिए शोएब का दिल्ली स्थित पाक उच्चायोग आना-जाना होता था। इसी दौरान पाक उच्चायोग के अधिकारियों ने उसे जासूसी करने के लिए तैयार कर लिया।

बदले में शोएब के कहने पर लोगों को वीजा आसानी से बन जाता था। शोएब ने सीमा पर पोस्ट, सेना व बीएसएफ की तैनाती के बारे में पाक उच्चायोग को जानकारी दी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शोएब के पिता व भाई की भूमिका की जांच की जा रही है।

लैंडलाइन पर आते थे फोन
सांसद के निजी सचिव फरहत ने पूछताछ में बताया कि वह पाक उच्चायोग में फोन नहीं करता था। पाक उच्चायोग से उसके ऑफिस व घर के लैंडलाइन नंबर पर फोन आते थे। पाक उच्चायोग से फरहत को फाइल व आवेदन (गोपनीय दस्तावेजों को वीजा के लिए आवेदन व फाइल) लाने के लिए कहा जाता था। फरहत जब बता देता था कि दस्तावेज मिल गए हैं, तो पाक उच्चायोग से फलां जगह आने को कहा जाता था। जगहों के नाम पिज्जा, बर्गर व सैंडविच आदि कोडवर्ड में रखे हुए थे।

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