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31 दूल्हे बारात लेकर पहुंचे दुल्हन लेने, जाना पड़ा थाने, आखिर क्यों?
Tue, 17 Jan 2017 09:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 17 Jan 2017 09:47 AM IST
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दूल्हे
- फोटो : अमर उजाला
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31 युवकों की शादी होनी थी, जब सभी बारात लेकर दूल्हन लेने पहुंचे तो मौके पर कुछ ऐसा दिखा, उनमें से 14 दूल्हे थाने पहुंच गए। देखिए, पूरा मामला।
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बारात
- फोटो : डेमो पिक
गाजे बाजे के साथ घोड़ी पर बैठ अपनी दुल्हन को लाने का सपना हर किसी का होता है। अगर दूल्हा बारात के साथ दुल्हन लेने पहुंचे और पंडाल ही न मिले तो हैरान होना लाजिमी है। रविवार को दशहरा मैदान में कुछ ऐसा ही हुआ। परिजनों और रिश्तेदारों के साथ कई दूल्हे दशहरा मैदान पहुंचे लेकिन मैदान में न तो शादी का पंडाल था और न ही दुल्हन कहीं दिखाई दे रही थी।
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बारात
- फोटो : डेमो पिक
काफी देर इंतजार करने के बाद जब दूल्हों को ठगी का अहसास हुआ तो उनमें से 14 दूल्हे सिटी थाना पहुंचे। हालांकि रविवार को 31 युवकों की शादी होनी थी। ठगी का मामला मोदीनगर (मेरठ) का होने के कारण पुलिस ने शिकायत नहीं ली। सुभाष कॉलोनी निवासी संतोष ने बताया कि अक्तूबर महीने में उसकी मंटू नामक पड़ोसी के जरिए मोदीनगर निवासी बंसी गौतम से जान पहचान हुई।
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बारात
- फोटो : डेमो पिक
बंसी गौतम ने उन्हें बताया कि उनकी एनजीओ उज्जवल सामाजिक संस्था दहेज विरोधी अभियान चलाती है। इसलिए वे बड़े स्तर पर सामूहिक विवाह कराते है ताकि न दहेज लिया जाए और न दिया जाए। योग्य वर के लिए योग्य वधू और योग्य वधू के लिए योग्य वर की तलाश भी संस्था ही करती है। संतोष के दो भाई विवाह योग्य हैं।
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बारात
- फोटो : डेमो पिक
इसलिए उसने दोनों भाइयों के लिए संस्था में फार्म भर दिया। इसी तरह सुभाष कॉलोनी के अन्य युवक अखिलेश ने भी फार्म भरा। अखिलेश ने बताया कि वे संस्था के मोदीनगर स्थित कार्यालय गए थे। जहां उसका एक युवती से परिचय भी कराया गया। शादी के खर्चे के लिए बंसी ने उससे 40 हजार रुपये लिए थे और शादी के लिए रविवार का समय दिया था।
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