दो साल में कई बार बेची गई किशोरी, पिछले 1 साल में हुई ऐसी हैवानियत सुन पसीज जाएगा दिल
झारखंड से पांच हजार रुपये में खरीदकर लाई गई एक किशोरी के साथ आरोपी युवक पिछले एक साल से दुष्कर्म कर रहा था और मारता पीटता था। किशोरी ने किसी तरह पड़ोस में रहने वाली महिला को इसके बारे में बताया, जिस पर उसने सोमवार को चाइल्ड हेल्पलाइन पर फोन कर घटना के बारे में सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस व चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने किशोरी को मुक्त कराया। पीड़ित किशोरी को इलाज के लिए बीके अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। महिला थाना पुलिस ने मानव तस्करी व दुष्कर्म का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
प्रारंभिक पूछताछ में किशोरी ने पुलिस को बताया कि करीब दो साल पहले झारखंड का ही रहने वाला एक युवक उसे उसकी ननिहाल से खरीद कर लाया था। करीब एक साल तो उसने उसे दिल्ली में एक घर में नौकरी पर रखवाया, जहां वह घरेलू काम करती थी।
किचन के बाहर खड़े रहते थे बीवी और बच्चे और वो मेरा...
नौकरी छूटने के बाद वह उसे पल्ला क्षेत्र स्थित एक कॉलोनी में लेकर आ गया और यहीं अपने साथ रखने लगा। पिछले करीब एक साल से वह यहां उसके साथ रह रही थी। इस दौरान आरोपी उसके साथ लगातार दुष्कर्म कर रहा था।
विरोध करने पर उसके साथ मारपीट करता था। पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसका रेप करता और उसके बीवी और बच्चे किचन के बाहर खड़े रहते। यह रोज का नियम बन गया था। सोमवार को आरोपी के घर पर नहीं होने पर पीड़ित किशोरी जैसे तैसे घर से बाहर निकली और पड़ोस में रहने वाली एक महिला को सारी बात बताई।
महिला ने चाइल्ड हेल्पलाइन के नंबर 1098 पर फोन कर किशोरी पर हो रहे अत्याचारों के बारे में जानकारी दी। इस पर चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम महिला थाना पुलिस को लेकर मौके पर पहुंची और किशोरी को छुड़वाया। पुलिस टीम किशोरी को लेकर बीके अस्पताल पहुंची और उसका मेडिकल करवाया।
पुलिस ने उसे इलाज के लिए बीके अस्पताल में भर्ती करवाया है। डीसीपी सेंट्रल भूपेंद्र सिंह ने बताया ढिक महिला थाना पुलिस ने किशोरी की शिकायत पर मानव तस्करी, पोक्सो एक्ट, मारपीट सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
गैंगरेप पीड़िता का हाल जानने बीके अस्पताल पहुंचे आयोग सदस्य
‘आप सभी लोग काबिल हैं...आपको ट्रेनिंग की क्या जरूरत। कानून की धाराओं में बस खेल करना ही आप लोगों का काम है। सही से ट्रेनिंग हुई होती तो आज इस बच्ची के मामले में आरोपियों को इस प्रकार बचाया नहीं जाता।’
बुधवार को बीके अस्पताल पहुंचे बाल संरक्षण आयोग के सदस्य बालकृष्ण गोयल ने यह बात महिला थाना प्रभारी से कही। आयोग के सदस्य झारखंड की किशोरी के मानव तस्करी और रेप के मामले में बुधवार को बीके अस्पताल पहुंचे थे।
यहां उन्होंने पुलिस और डाक्टर को जमकर फटकार लगाई। एफआईआर में धाराओं की खानापूर्ति और अस्पताल में गंदगी को देखकर उनका गुस्सा भड़क गया। महिला थाने की एचएचओ को तो आयोग के सदस्य पॉक्सो एक्ट की एक बुकलेट तक यह कहते हुए थमा गए कि इसे जरूर पढ़ लेना।
आयोग सदस्य ने किशोरी से उसके मूल निवास की जानकारी ली तो पता चला कि वह झारखंड के पर्वतीय क्षेत्र की रहने वाली एक जनजाति से है। इस पर उन्होंने महिला थानेदार से पूछा कि इस मामले में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं क्यों नहीं लगाई गईं।
पत्नी को सब पता था पति क्या-क्या करता है
इसके अलावा जब किशोरी बता रही है कि आरोपी की पत्नी को भी अपने पति के सभी कृत्यों की जानकारी थी। वह खुद भी किशोरी से मारपीट करती थी तो उसे जेजे एक्ट की धारा-21 के तहत नामजद क्यों नहीं किया गया।
इसके बाद आयोग सदस्य ने पूछ ही लिया कि जेजे एक्ट की ट्रेनिंग ली भी है या नहीं। इस पर महिला थाना प्रभारी ने इनकार में सिर हिला दिया। गुस्साए सदस्य ने यहां तक बोला कि आप तो काबिल हैं, आपको ट्रेनिंग की क्या जरूरत। उन्होंने कहा कि आपको जेजे एक्ट की ट्रेनिंग लेनी चाहिए। इस केस में उन्होंने आए दिन बच्ची की काउंसलिंग की बात कह बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत भी महसूस की।
अस्पताल के जिस वन स्टाप रूम में किशोरी को रखा गया है, उसमें काफी गंदगी थी। इस पर भी बाल संरक्षण आयोग के सदस्य का गुस्सा भड़ गया। उन्होंने तत्काल डाक्टरों को बुलाकर उन्हें फटकार लगाई और तत्काल किशोरी को दूसरे कमरे में शिफ्ट कराया।
किशोरी इलाज के लिए न्यूरोसर्जन की जरुरत महसूस की गई, लेकिन अस्पताल में न्यूरोसर्जन है ही नहीं। बच्ची की मेडिकल आवश्कताओं के लिए चाइल्ड लाइन एनजीओ शक्ति वाहिनी ने न्यूरोसर्जन का इलाज उठाने का जिम्मा लिया।
हर दिन होगी किशोरी की जांच
बालकृष्ण गोयल ने बताया कि पीड़िता की जांच के लिए बाल संरक्षण टीम के सदस्य ने पूरा जांच पैटर्न तैयार कर अस्पताल प्रशासन को सौंपा है। अस्पताल में जितने में लोग इस केस से जुड़ी जांच और सुरक्षा में शामिल हैं। उनका रिकार्ड आयोग के पास भी होगा। गैंगरेप के आरोपी अभी पकडे़ नहीं गए, इसलिए 24 घंटे किशोरी की कड़ी सुरक्षा की जाएगी।
बाल संरक्षण आयोग ने दिये हैं ये दिशा निर्देश
- स्वास्थय बेहतरी और मेडिकल जांच के लिए डाक्टर
- रेड क्रास सोसायटी के अध्यक्ष हर दिन लेंगे केस का जायाजा
- शक्ति वाहिनी एनजीओ की सदस्य रखेगी पूरे डायट प्लान पर नजर
- हर दिन सीडब्लयूसी की काउंसलर की मद्द से की जाएगी काउंसलिंग
- दो महिला सिपाही हर वक्त करेंगी सुरक्षा
- महिला एसएचओ हर दिन करेंगी बच्ची से मुलाकात
- काउंसलर भी करेगी मदद
पॉक्सों को कह गए पोस्को
महिला टीम को जेजे एक्ट की ट्रेनिंग दिलाने वाले बाल संरक्षण टीम के सदस्य जल्दबाजी में पॉक्सो ( प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंस) एक्ट को पोस्को एक्ट कहते चले गए। यह गलत शब्द उन्होंने कई बार दोहराए।