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नीतीश कटारा केस: आरोपी विकास यादव को 25 साल तक रहना होगा सलाखों के पीछे

Wed, 30 Aug 2017 09:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 30 Aug 2017 09:35 AM IST
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supreme court dismissed plea of vikas yadav over Nitish Katara murder case
vikas yadav

नीतीश कटारा हत्याकांड में दोषी ठहराए गए विकास यादव को 25 वर्ष सलाखों को पीछे रहना ही होगा। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उसकी पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। 

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चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति एसए बोबडे की पीठ ने विकास यादव की पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए कहा कि पूर्व आदेश में दखल देने का कोई कारण नहीं बनता। मालूम हो गत वर्ष तीन अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने विकास यादव को दी गई 25 वर्ष की सजा पर अपनी मुहर लगा दी थी। हालांकि विकास केपास सुधारात्मक याचिका दायर करने का एक और कानूनी विकल्प बचा है।
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मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन अक्टूबर, 2016 को अपने फैसले में ‘ऑनर किलिंग’ को मध्यकालीन युग का सनकी कृत्य बताते हुए विकास द्वारा फिक्सड टर्म (हत्या में 25 वर्ष और सबूत नष्ट करने में पांच वर्ष कैद) की सजा को चुनौती देने याचिका को खारिज कर दिया था। हालांकि शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के फैसले में बदलाव करते हुए कहा था कि दोनों ही सजा एक-साथ चलेंगी न कि एक के बाद एक। 
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शीर्ष अदालत ने साथ ही साफ कर किया था कि 25 वर्ष से पहले विकास को किसी तरह की माफी या छूट(रिमिशन) नहीं दी जाएगी। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने विकास को दोषी ठहराते हुए कहा था कि विकास को हत्या के मामले में 25 वर्ष (बिना रिमिशन के) और सबूत नष्ट करने के दोष में पांच वर्ष (बिना रिमिशन के) की सजा सुनाई थी। 

पहले दी गई थी ये सजा

supreme court dismissed plea of vikas yadav over Nitish Katara murder case
supreme court

हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि 25 वर्ष की सजा पूरी होने के बाद पांच वर्ष की सजा शुरू होगी। लेकिन शीर्ष अदालत ने इसमें बदलाव कर कहा था कि उम्रकैद की सजा पूरी होने के बाद किसी और सजा की शुरुआत नहीं हो सकती। शीर्ष अदालत ने कहा कि उम्रकैद का मतलब आखिरी सांस तक सलाखों के पीछे होता है, ऐसे में उम्रकैद की सजा के बाद किसी दूसरी सजा की शुरुआत का कोई मतलब नहीं है। 

गौरतलब है कि 16 फरवरी 2002 की रात नीतीश कटारा की हत्या विकास, विशाल और सुखदेव पहलवान ने मिलकर की थी और बाद में उसकी लाश को जला दिया गया था। वास्तव में विकास को अपनी बहन भारती यादव की नीतीश कटारा से दोस्ती पसंद नहीं थी। भारती और नीतीश दोनों शादी करना चाहते थे लेकिन विकास और उसकेपरिवारवालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। 

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