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बिजली बिल घोटाले की जांच करेगी एसटीएफ
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 29 Nov 2014 12:57 PM IST
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अफसरों के आईडी पासवर्ड से बिजली बिलों को कम करने और डिलीट किए जाने की जांच अब एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) करेगी। पावर कारपोरेशन के अधिकारियों ने एसटीएफ के अधिकारियों से वार्ता कर ली है।
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जल्द ही एसटीएफ की टीम जांच करने गाजियाबाद पहुंचेगी। लोनी और बुलंदशहर में हुए लाखों के घोटाले में बिलिंग फर्म और विभागीय कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।
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लोनी में अधिशासी अभियंता और एसडीओ की आईडी और पासवर्ड हैक कर 33 लाख रुपये का घोटाला बृहस्पतिवार को उजागर हुआ है।
बुलंदशहर में भी इसी तरह से लाखों के बिल डिलीट कर पावर कारपोरेशन को चूना लगाया गया है। बार-बार हो रहे ऐसे घोटालों की जांच के लिए इस बार पावर कारपोरेशन से एसटीएफ अधिकारियों से संपर्क साधा है।
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कर्मियों-फर्म के खेल में कारपोरेशन का सिस्टम फेल
पावर कारपोरेशन का ऑनलाइन सिस्टम की सुरक्षा काफी मजबूत मानी जा रही है। इसकी आईडी और पासवर्ड केवल एसडीओ और अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारियों पर रहता है। बावजूद इसके हैकर्स ने इस सिस्टम को फेल कर दिया है।
सिस्टम को हैक करने में कारपोरेशन के कर्मचारियों और प्राइवेट फर्म के लोगों को मास्टर माइंड माना जा रहा है।
उपभोक्ताओं से ही होगी वसूली
बिल डिलीट प्रकरण में एक बार फिर चोट उपभोक्ताओं पर पड़ेगी। जिन उपभोक्ताओं के बिल डिलीट हुए हैं, उनसे दोबारा वसूली की जाएगी। चीफ इंजीनियर एके गुप्ता का कहना है कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जाएगी।