'एक शक' ने कराई बीजेपी नेता की हत्या
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लोकसभा चुनाव से पहले हिंसा की खबरे आने लगी हैं। दिल्ली से सटे साहिबाबाद में बीजेपी नेता चौधरी धर्मवीर को उन्हीं के दामाद सुनील ने गोली मार हत्या कर दी है।
धर्मवीर साहिबाबाद के गरिमा गार्डन कॉलोनी के रहने वाले हैं। वो पार्टी के वार्ड अध्यक्ष भी थे। दामाद के गोली मारने के बाद घरवालों ने धर्मवीर को गंभीर अवस्था में जीटीबी अस्पताल ले गए लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
थोड़ी देर बाद गोली मारने वाले दामाद सुनील ने साहिबाबाद थाने में जाकर सरेंडर कर दिया।
पत्नी से गंदा काम कराए जाने का शक
साहिबाबाद के गरिमा गार्डन में भाजपा नेता की हत्या के पीछे दामाद का अपनी पत्नी पर शक करना सबसे बड़ा कारण बनकर सामने आ रहा है।
पुलिस जांच में पता चला है कि शादी के सिर्फ दो साल बाद से ही दोनों परिवारों में विवाद शुरू हो गया था। आरोपी सुनील अपनी पत्नी पर शक करता था।
पिता धर्मवीर ने बेटी का पक्ष लिया तो आखिरकार 18 साल बाद शक से शुरू हुए गुस्से में आकर सुनील ने अपने ससुर की हत्या कर दी।
भाजपा नेता ने 8 महीने से बेटी को रोक रखा था
एसएचओ साहिबाबाद उपेंद्र यादव ने बताया पता चला है कि आरोपी की पत्नी मंजू पिछले करीब आठ माह से अपने पिता धर्मवीर के घर ही रह रही थी।
यह पहली बार नहीं था। वह इससे पहले भी कई बार मायके में काफी दिनों तक रुकती थी। शुरुआत में सुनील को लगा कि उसकी पत्नी का उसके साथ मन नहीं लगता, इसलिए मायके चली जाती है। लेकिन बाद में उसे इस बात का शक हो गया कि उसकी पत्नी से मायके में जिस्मफरोसी कराई जा रही है।
हालांकि पत्नी का कहना है कि वह पति से परेशान होकर वह मायके आती थी। शादी के दो साल बाद से ही पति की शक करने की आदत से परेशान होकर वह अमूमन मायके आ जाया करती थी।
1 महीने पहले ही पुलिस ने दी थी चेतावनी
आरोप है कि आरोपी सुनील पत्नी से भी मारपीट करता था। ऐसे में जब पिता धर्मवीर ने सुनील को रोका तो वह उन्हें दुश्मन मानने लगा।
पुलिस के मुताबिक, हर 2-4 माह में दोनों के बीच मारपीट और मामूली झगड़े होते थे। करीब एक माह पहले जब दोनों के बीच विवाद हुआ तो ससुर धर्मवीर ने पुलिस को मामले की शिकायत दे दी थी।
पुलिस ने सुनील को चेतावनी देकर छोड़ा था। इसके बाद से वह ससुर से बेहद नाराज था। शनिवार को जब धर्मवीर ने बेटी को सुनील के साथ भेजने से इंकार किया तो उसने गुस्से में आकर अपने सास से मारपीट की और ससुर की हत्या कर दी।
लेकिन ये सनसनीखेज आरोप कुछ और ही बयां करते हैं
हालांकि पुलिस इनकी जांच कर रही है। वहीं समाजशास्त्री डा. दीपक वर्मा ने बताया कि काम की भागदौड़ में लोग परिवार को समय नहीं दे पाते।
काम की टेंशन में साथी पर शक जैसी चीजें होने लगती हैं। इसके बाद इसका आपसी निपटारा नहीं होने पर विवाद बढ़ते हैं। गुस्सा आने पर लोग इस प्रकार के कदम उठा लेते हैं।
ये परिवार को मारने की कुछ सनसनीखेज घटनाएं
06 मार्च 2013: इंदिरापुरम की रेल विहार सोसायटी में पत्नी ने पति की हथौड़ों से पीटकर की हत्या।
20 नवंबर 2013: ऑरेंज काउंटी में हैंडलूम उद्यमी ने पत्नी और बेटे को गोली मार खुद भी की आत्महत्या।
20 अक्टूबर 2013: लोनी में गृह क्लेश में पति ने पत्नी की गला दबाकर की हत्या।
5 जून 2013: शिप्रा सनिसिटी में पति ने पत्नी के साथ की मारपीट, पत्नी गंभीर घायल।
30 जुलाई 2013: शालीमार गार्डन में दहेज लोभी पति ने पत्नी को जलाकर मारा।
22 सितंबर 2011: महाराजपुर में पति ने गृहक्लेश में पत्नी का गला रेतकर की हत्या।